सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि सभी प्राकृतिक संसाधनों की नीलामी जरूरी नहीं है। पांच जजों की पीठ ने सरकार को राय दी कि यह सरकार के विवेक पर निर्भर करता है कि वह प्राकृतिक संसाधनों को नीलामी के जरिए बेचना चाहती है अथवा अन्य विकल्प के जरिए।
पीठ ने कहा कि सरकार को सबसे पहले यह देखना चाहिए जनहित के लिए क्या विकल्प हो सकते हैं? हालांकि नीलामी से सरकारी खजाना बढ़ सकता है, पर जनहित की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। किसी संसाधन को देने अथवा बेचने का क्या विकल्प होगा यह सरकार को तय करना है। यदि इन विकल्पों में नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो अदालत इसमें दखल देगी।