महाराष्ट्र में सिंचाई घोटाले को दबाने का आरोप लगने के बाद भाजपा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी के बचाव में उतर आई है। भाजपा ने इन आरोपों को कांग्रेस की साजिश बताया है।
भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि यूपीए गठबंधन पर लगे भ्रष्टाचार और घोटालों के आरोपों से ध्यान बांटने के लिए गडकरी का नाम घसीटा गया है। अंजलि दमानिया के आरोप बेबुनियाद हैं। अंजलि भाजपा के किसी नेता से नहीं मिलीं। जावडेकर ने कहा कि पार्टी की गडकरी को बदनाम करने की कोशिशा की गई जिसे पार्टी खारिज करती है। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की उस पर लगे आरोपों से ध्यान बांटने की कुत्सित राजनीति का हिस्सा है।
जावडेकर ने कहा कि दरअसल महाराष्ट्र में सिंचाई घोटाले के मुद्दे पर लंबे समय से भाजपा लड़ रही है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव किरीट सोमैया ही इस घोटाले को सामने लाए थे। साथ ही महाराष्ट्र विधनसभा में पार्टी के विधायक इस मामले को कई बार उठा चुके हैं। दरअसल कांग्रेस में गंदी राजनीति करने का एक विभाग है जो झूठे आरोप लगाकर अपनी पार्टी को बचाने में लगा रहता है।
किसने लगाया आरोप
इंडिया अगेंस्ट करप्शन की सदस्य अंजलि दमानिया ने आरोप लगाया है कि विपक्षी पार्टी के एक अध्यक्ष ने सिंचाई घोटाले को दबाने की कोशिश की थी। हालांकि उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया। लेकिन उनका इशारा भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी की ओर था।
क्या है मामला
मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि 1999 से 2009 के बीच जल संसाधन मंत्री रहे अजीत पवार ने वर्ष 2009 में 20 हजार करोड़ रुपए की 38 परियोजनाओं को मंजूरी दी, जबकि इसके लिए विदर्भ सिंचाई विकास निगम की गवर्निंग काउंसिल से जरूरी क्लीयरेंस भी नहीं लिया गया। मामला सामने आने के बाद अजीत को अपने पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा।