देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न को लेकर अटकलों के दौर के साथ ही सियासत भी तेज हो गई है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि मोदी सरकार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, बीएचयू के संस्थापक पंडित मदन मोहन मालवीय, बसपा के संस्थापक कांशीराम, महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यान चंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस को सर्वोच्च सम्मान देने का मन बना चुकी है।
इन अटकलों को तब और बल मिला जब गृह मंत्रालय द्वारा पांच भारत रत्न पदकों का ऑर्डर दिए जाने की चर्चा शुरू हुई। बहरहाल इस आशय की चर्चा शुरू होते ही सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है।
नेताजी के नाती सीके बोस ने भारत सरकार से भारत रत्न के बदले उनकी मौत की गुत्थी सुलझाने की अपील की है। उधर, भाजपा ने जहां पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर भारत रत्न देने में कोताही, लेटलतीफी और पक्षपात करने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस ने साधा मोदी सरकार पर निशाना
भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि फिलहाल नाम तय नहीं हैं, मगर यह सच है कि कांग्रेस ने न केवल इस मामले में राजनीति की, बल्कि योग्य शख्सियतों को सर्वोच्च सम्मान देने में कोताही बरती। उधर कांग्रेस ने इन अटकल बाजियों पर ही सरकार पर निशाना साधने में देरी नहीं लगाई। पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि अगर मोदी सरकार इतिहास में पीछे जाकर लोगों को भारत रत्न देना चाहती है तो इस लिस्ट में कई और नाम भी हैं।
उधर गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि पांच पदकों का आर्डर करने का यह अर्थ नहीं है कि इस बार पांच शख्सियतों को सर्वोच्च सम्मान दिया जाएगा। उधर, नेताजी के नाती सीके बोस ने कहा कि नेताजी और महात्मा गांधी जैसी शख्सियत इस सर्वोच्च सम्मान से भी ऊपर हैं। उन्होंने कहा कि नेताजी को भारत रत्न देने के बदले अगर सरकार उनकी मौत की गुत्थी सुलझाए तो यह ज्यादा अच्छा कदम होगा।
उन्होंने सरकार से अपील की कि इस संबंध में सरकार के पास जो भी दस्तावेज हैं उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। जबकि वाजपेयी की भतीजी और पूर्व सांसद करुणा शुक्ला ने कहा कि अगर सरकार उन्हें भारत रत्न देती है तो यह एक अच्छा फैसला होगा। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी न केवल जन नेता थे, बल्कि उन्होंने दशकों तक भारत की जनता के दिलों पर राज किया है।
कांग्रेस ने की भगत सिंह को भारत रत्न देने की मांग
भारत रत्न पर चल रही अटकलों के बीच कांग्रेस ने मांग की है कि स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह, राजगुरु, लाला लाजपत राय को भी देश के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा जाना चाहिए। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि अगर सरकार ऐतिहासिक रूट के तहत चलना चाहती है, तो इन नामों पर भी गौर किया जाना चाहिए।
इसके अलावा एक अन्य कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बसपा संस्थापक कांशीराम और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैयद अहमद खान के नाम पर भी विचार करने की मांग की है।
साथ ही उन्होंने मांग की है कि अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह का नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम होना चाहिए क्योंकि उन्होंने इस द्वीप समूह को आजाद कराया था।