चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनावों से जुड़े कार्यक्रम का ऐलान कर दिया है। दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिजोरम में होने वाले चुनावों के लिए मतदान 11 नवंबर से 4 दिसंबर के बीच होगा।
सभी जगह के लिए मतगणना 8 दिसंबर को होगी और ज्यादातर नतीजे इसी दिन आ जाएंगे।
कार्यक्रम के मुताबिक सबसे पहले मतदान छत्तीसगढ़ में होगा, जहां ये दो चरणों में होगा। राज्य में 11 नवंबर और 19 नवंबर को वोट डाले जाएंगे।
इस बार मिलेगा नेताओं को खारिज करने का अधिकार
मध्य प्रदेश में मतदान 25 नवंबर को होगा। राजस्थान में 1 दिसंबर, जबकि दिल्ली में 4 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे। मिजोरम में भी 4 दिसंबर को वोटिंग होगी।
इसी बार मिलेगा राइट टू रिजेक्ट
मुख्य चुनाव आयुक्त वी एस संपत ने बताया कि 5 राज्यों की 630 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होंगे। इन राज्यों में कुल 11 करोड़ वोटर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चुनावों में कुल 1 लाख 30 हजार पोलिंग बूथ होंगे। इसी चुनाव में राइट टू रिजेक्ट लागू होगा।
इन चुनावों में पहली बार सेंट्रल अवेयरनेस ऑब्जर्वर नियुक्त किए जाएंगे, जिनका काम लोगों को मतदान के लिए जागरूक बनाना होगा। संपत ने बताया कि सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए जाएंगे। ईवीएम की जांच पूरी हो चुकी है।
चुनाव आयोग के इस ऐलान के साथ ही चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। शिकायतों के लिए कॉल सेंटर बनाए जाएंगे। संपत ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से 27 सितंबर को दिए आदेश के मुताबिक आगामी चुनावों में मतदाताओं को राइट टू रिजेक्ट देने के लिए इंतजाम किए जाएंगे।
दिल्ली में आप बिगाड़ सकती है गणित
राजधानी दिल्ली में हर बार की तरह इस बार भी मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच है। यहां शीला दीक्षित एक बार फिर जीत हासिल कर रिकॉर्ड बनाने की कोशिश में हैं, वहीं बीते कई साल से विपक्ष में बैठने पर मजबूर भाजपा इस बार हर हालत में कुर्सी तक पहुंचना चाहती है।
लेकिन हाल में राजनीति में उतरे अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी इन दोनों का गणित बिगाड़ सकती है।
राजस्थान में भी कांग्रेस और भाजपा के बीच टक्कर होगी। अशोक गहलोत अपनी सरकार बचाने का प्रयास करेंगे, जबकि वसुंधरा राजे कांग्रेस सरकार की नाकामियों को गिनाकर सत्ता में आना चाहती हैं।
शिवराज के मुकाबले ज्योतिरादित्य
अजब-गजब मध्य प्रदेश में विकास के बूते कामयाब हो रहे शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर सत्ता में आना चाहते हैं, जबकि कांग्रेस उनके विकास के एजेंडे को खोखला बता रही है। कांग्रेस ने शिवराज को चुनौती देने के लिए यहां ज्योतिरादित्य सिंधिया को उतारा है।
वहीं छत्तीसगढ़ में कांग्रेसी नेता चरणदास महंत और अजित जोगी, रमण सिंह की अगुवाई वाली भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर करने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते।
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का कहना है कि उनकी पार्टी चुनावों के लिए तैयार है और वह आत्मविश्वास के साथ इन चुनावों में उतरेंगी। उनका कहना है कि दस दिनों में उनकी पार्टी घोषणापत्र का ऐलान कर देगी।