प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल को कानून मंत्रालय और भूतल परिवहन मंत्री सीपी जोशी को रेल मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।
इन्हें ये जिम्मेदारी अश्वनी कुमार और पवन कुमार बंसल के इस्तीफे के बाद सौंपी गई है।
गौरतलब है कि रेल घूस कांड में फंसे होने के कारण शुक्रवार को पवन कुमार बंसल को रेलमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था, जबकि कोलब्लॉक आवंटन की स्टेटस रिपोर्ट में बदलाव कराने के कारण विवादो में फंसे अश्वनी कुमार को कानून मंत्री पद छोड़ना पड़ा था।
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इससे पहल आज कोलगेट मामले में कुर्सी गंवाने के बाद पूर्व कानून मंत्री अश्वनी कुमार ने अपनी सफाई पेश की।
उन्होंने यूपीए मंत्रिमंडल में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि कोल ब्लॉक आवंटन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उन पर कोई टिप्पणी नहीं की है, वे बेदाग हैं।
यूपीए मंत्रिमंडल में शामिल करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए अश्वनी कुमार ने कहा कि कोल ब्लॉक आवंटन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उन पर कोई टिप्पणी नहीं की है, वे बेदाग हैं।
दामन पर कोयले की कालिख
उन्होंने कहा कि फिजूल में मामले को तूल दिया जा रहा था, इस पर चल रहे विवाद को खत्म करने के लिए उन्होंने इस्तीफा दिया है।
एक घंटे में खेल, अश्वनी पर चला हथौड़ा, बंसल की छूटी रेल
उन्होंने कहा कि उन्हें पार्टी के सभी नेताओं का समर्थन प्राप्त है और उन्हें उम्मीद है कि सच्चाई और ईमानदारी की जीत होगी।
रेल मंत्री बनते ही जोशी ने विदेश दौरा रद्द किया
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री सीपी जोशी शनिवार को फिनलैंड दौरे पर जाने के लिए इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर थे, जब उन्हें संदेश मिला कि उन्हें रेल मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया है। यह पद पीके बंसल के इस्तीफे के बाद खाली हुआ था।
जोशी फिनलैंड जाने वाले उस प्रतिनिधिमंडल को नेतृत्व कर रहे थे, जो वहां पर सड़क परिवहन के क्षेत्र में एक समझौते पर दस्तखत करने वाला था। बंसल से पूर्व जोशी ने इससे पहले पिछले साल सितंबर में कुछ समय के लिए रेल मंत्रालय का जिम्मा संभाला था।