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आसाराम केस के गवाह की मौत के बाद दुष्कर्म पीड़िता की सुरक्षा बढ़ी

Sun, 12 Jul 2015 01:51 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला,बुलंदशहर,बरेली
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आसाराम के दुष्कर्म प्रकरण में मुख्य गवाह कृपाल सिंह पर शुक्रवार रात जानलेवा हमला होने के बाद पीड़िता के घर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हमलावरों की तलाश में तीन टीमें जुटी हुई हैं। इसके अलावा क्राइम ब्रांच की टीम भी लगा दी गई है।
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बरेली के मिशन अस्पताल में कृपाल की हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया है। पीड़ित के पिता से पुलिस अधिकारियों ने पूछताछ कर आरोपियों का सुराग लगाने की कोशिश की।

कृपाल सिंह के बहनोई अवनीश सिंह की तहरीर पर सदर बाजार थाने में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ जानलेवा हमले की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।

शुक्रवार को मार दी गई गोली

आसाराम पर शहर की बिटिया से दुष्कर्म के आरोप के मामले में मुख्य गवाह कृपाल सिंह को शुक्रवार रात उस वक्त गोली मार दी गई जब वह बाइक से अपने घर मोहल्ला गदियाना लौट रहे थे।

मौके पर पहुंची थाना सदर बाजार पुलिस घायल कृपाल को जिला अस्पताल ले गई। हालत गंभीर होने पर कृपाल को बरेली रेफर कर दिया गया। घायल को बरेली के मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया है। सर्विलांस से घटनास्थल के आसपास के टॉवर की रेंज और घटनास्थल के आसपास के नंबरों को ट्रेस किया जा रहा है।

हमलावर की हो रही है तलाश

पुलिस की एक टीम जोधपुर, दूसरी बरेली और तीसरी लखनऊ रवाना की गई है। हमलावरों की तलाश में खुफिया तौर से सादा कपड़ों में पुलिस कर्मी भी लगाए गए हैं।गोली लगने के घायल गवाह कृपाल सिंह की हालत बिगड़ती ही जा रही है।

शनिवार को मिशन अस्पताल के डॉक्टरों ने आंतों से हो रहे रिसाव को रोकने के लिए पेट का आपरेशन करके वेंटीलेटर पर रखा है। डीआईजी आरकेएस राठौर ने अस्पताल पहुंचकर कृपाल का हालचाल लिया, डॉक्टरों से उसका हालचाल लेकर बाहर मीडिया कर्मियों से बात की।

बताया कि आसाराम मामले में उसकी गवाही दो महीने पहले ही हो चुकी है। धमकी मिलने की कृपला सिंह या परिवार के किसी व्यक्ति ने कभी शिकायत नहीं की।
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मीडिया कर्मियों पर भड़के परिवारीजन

बोले, जल्द ही दोषियों का पता लगाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।मिशन अस्पताल के निदेशक उमेश गौतम के एक्जीक्यूटिव सेक्रेटरी अमिताभ द्रोण ने बताया कि कृपाल सिंह की हालत चिंताजनक है। वह अभी कोमा जैसी स्थिति में है।

वेंटीलेटर सपोर्ट के साथ ब्लड प्रेशर मेनटेन रखने के लिए हाई डोज दी जा रही है। यूरिन आउटपुट नहीं मिल रहा है। उसके पेट का आपरेशन भी हुआ है। गोली की बारूद की वजह से अंदरूनी हिस्सा अधिक डैमेज हुआ है। फिलहाल उसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता।डीआईजी के पहुंचने से पहले मीडिया कर्मियों ने कृपाल के परिवार वालों से बात करने की कोशिश की तो भड़क उठे।

उनका कहना था कि शाहजहांपुर इतना बड़ा जिला नहीं है कि कृपाल के हमलावर पकड़े नहीं जा सकते। पुलिस ठीक से इस मामले में कार्रवाई ही नहीं कर रही है।
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