दिल्ली गैंगरेप की शिकार छात्रा को इंसाफ दिलाने के लिए जहां पूरे देश में मुहिम चल रही है, वहीं आसाराम बापू ने इस मामले में एक बेतुका बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया है। बापू ने गैंगरेप की इस घटना में आरोपियों के साथ-साथ छात्रा को भी बराबर का दोषी बताया है।
बापू के मुताबिक दिल्ली में हुई गैंगरेप की वारदात में दुष्कर्मियों के साथ-साथ छात्रा भी बराबर की दोषी है। उन्होंने कहा, 'ताली दोनों हाथों से बजती है। इस घटना में कहीं ना कहीं लड़की का भी दोष है। अगर वह छात्रा चाहती तो अपने आप को बचाने के लिए उन दोषियों में से किसी को भी भाई बना लेती। उनके हाथ-पैर जोड़ सकती थी। इससे उसकी जान बच सकती थी, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।' हांलाकि उन्होंने गैंगरेप की शिकार छात्रा के परिवार से हमदर्दी जताई है। बापू ने छात्रा के परिवार को भेजे अपने संदेश में कहा कि पीड़िता अपने परिवार में कमाने वाली एक अकेली लड़की थी। वह उनके दुख में उनके साथ हैं।
वहीं, दुष्कर्मियों के लिए सख्त कानून का विरोध करते हुए बापू ने कहा कि इस प्रकार के कानूनों का दुरुपयोग होने की आशंका है। बापू ने कहा कि सख्त कानून की बजाए लोगों का नैतिक उत्थान कर उन्हें चारित्रिक रूप से इतना सबल बनाया जाए कि वे ऐसे कृत्य ना करें। कड़े कानून का दुरुपयोग होने से असली दोषी बच निकलते हैं और बेकसूरों को सजा मिलती है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को फांसी की सजा दी जाती है, उसकी पत्नी, मां, बहन और बच्चे जीते जी मर जाते हैं।