आसाराम बापू के चर्चित छिंदवाड़ा आश्रम में पढ़ने वाली छात्रा और उसके परिवार का अचानक रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। परिजनों को भी नहीं पता है कि परिवार के सदस्य कहां हैं।
शनिवार को छात्रा के चाचा ने मेरठ में कहा था कि परिवार मैनपुरी गया है लेकिन परिवार मैनपुरी में भी नहीं पहुंचा। रविवार को छात्रा के ताऊ ने मैनपुरी में बताया कि 27 सितंबर से पूरे परिवार का कुछ पता नहीं हैं और मोबाइल भी बंद आ रहा है।
छात्रा के ताऊ ने परिवार के अपहरण की आशंका भी मीडिया से जताई।
थाना भोगांव क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले छात्रा के ताऊ ने बताया कि उसका छोटा भाई मेरठ में नौकरी करता है और वहीं पर अपनी पत्नी, पुत्री और दो पुत्रों का साथ रहता है।
उसने 15 साल पहले आसाराम बापू से नामदान लिया था। उसकी भतीजी आसाराम बापू के छिंदवाड़ा आश्रम में कक्षा 11 में पढ़ रही थी।
आसाराम बापू पर आरोप लगने के बाद उसे वहां से ले आए थे। वह खुद सेना से सेवानिवृत्त है और पेंशन लेने मेरठ जाते रहते है।
उन्होंने बताया कि गत 30 सितंबर को वह मेरठ गए थे। मेरठ में स्थित मकान में ही रहने वाले छोटे भाई ने बताया था कि 25 सितंबर को खुद को आसाराम बापू के जोधपुर आश्रम का एक कर्मचारी बताने वाला राहुल नाम का एक युवक आया था और दो दिन मकान में रुका था।
27 सितंबर को राहुल के साथ बड़े भाई और भतीजी गए थे। 28 सितंबर को छोटे भाई की पत्नी भी दोनों बेटों को लेकर मायके जाने के लिए कहकर चली गई। इसके बाद से पूरे परिवार का कोई पता नहीं लगा। मोबाइल भी बंद आ रहा है।
ताऊ ने बताया कि उनकी भतीजी छिंदवाड़ा आश्रम में उसी स्कूल में पढ़ती थी, जिसमें हुए यौन उत्पीड़न के मामले में आसाराम बापू फंसे है।
उनकी भतीजी को भी आश्रम संबंधी कई जानकारियां है, उन्होंने इसी चलते तो पूरे परिवार को गायब करा दिए जाने की आशंका जताई।