बलात्कार के आरोप में फंसे आसाराम बापू ने पहली बार कबूला है कि वे लड़की से मिले थे। हालांकि उन्होंने साफ किया कि इस मामले में वे निर्दोष हैं।
आसाराम ने चुनौती देते हुए कहा, 'अगर मैं दोषी हूं तो साबित करके दिखाओ और निर्दोष हूं तो गले लगाओ।'
यह बयान आसाराम के उस बयान से बिल्कुल उलट है जिसमें उन्होंने कहा था कि 15 अगस्त को घटना के दिन आश्रम में वे मौजूद ही नहीं थे।
बाद में पुलिस की जांच में यह साबित हुआ कि वे 15 अगस्त को जोधपुर के मणई स्थित आश्रम में ही मौजूद थे। इसके बाद यह कुटिया सील कर दी गई।
बापू के समर्थन में सड़क पर भक्त
इधर, आसाराम बापू के समर्थन में भक्त शुक्रवार सुबह सड़कों पर उतर गए। बापू के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म के मामले को साजिश बताते हुए समर्थकों ने दिल्ली के कमला मार्केट थाने पर जमकर नारेबाजी की।
कमला मार्केट थाने पर पहुंचे भक्तों को पुलिस ने वहां से खदेड़ दिया। उसके बाद समर्थक बाराखंभा रोड पहुंचकर सड़क पर ही बैठ गए।
समर्थकों ने करीब डेढ़ घंटे तक कनॉट प्लेस की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से ठप कर दिया। पुलिस के आला अधिकारियों के समझाए जाने पर ये लोग संसद मार्ग पहुंचे और वहां धरना देकर अपना विरोध जताया।
चैनल की ओबी वैन में तोड़फोड़
मीडिया के खिलाफ नारेबाजी कर रहे समर्थकों ने धरना खत्म होने के बाद एक टीवी चैनल की ओबी वैन पर हमला कर दिया और एक कर्मचारी के साथ हाथापाई की।
ओबी वैन में तोड़फोड़ व मारपीट करते ही समर्थक वहां से फरार हो गए। चैनल के कर्मचारी ने मारपीट और ओबी वैन में तोड़फोड़ करने की शिकायत संसद मार्ग थाने में दी है।
क्या है मामला
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की रहने वाली युवती मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित आसाराम द्वारा संचालित गुरुकुल में पढ़ रही थी। 6 अगस्त को किशोरी की तबीयत खराब होने पर उसके माता पिता उसे इलाज के लिए जोधपुर लेकर आए थे।
आरोप है कि वहां आसाराम ने किशोरी से दुष्कर्म किया। जोधपुर से किशोरी परिजनों के साथ घर चली गई थी। जहां उसने आप बीती माता पिता को बताई। तब माता पिता किशोरी को लेकर दिल्ली आए, जहां आसाराम प्रवचन दे रहे थे।
लेकिन वहां आसाराम से इन्हें मिलने नहीं दिया गया, तब उन्होंने आसाराम के खिलाफ कमला मार्केट थाने में मामला दर्ज कराया। बाद में दिल्ली पुलिस ने मामला जोधपुर पुलिस को सौंप दिया।