ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि आरएसएस के लोग महात्मा गांधी के लचीलेपन को देश के बंटवारे का कारण बताते हैं, लेकिन ये उनकी चाल है।
ओवैसी ने कहा कि देश की आजादी में मुस्लिम उलेमाओं ने बड़ा योगदान दिया। आजादी के समय हम मुसलमानों ने जिन्ना की बात नहीं मानी थी और हिंदुस्तान का दामन छोड़कर नहीं गए थे। इसे आरएसएस भूल सकती है, लेकिन हम नहीं भूल सकते।
उन्होंने कहा कि देश में मुस्लिमों की जनसंख्या की दर बढ़ने के बजाय घट रही है। फिर भी 250 साल बाद मुस्लिमों की आबादी हिंदुस्तान में हिंदू आबादी के बराबर हो जाएगी। असदुद्दीन ने उप्र की राजनीति में मेरठ से प्रवेश करने का ऐलान किया। साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी उतारने की बात कही।
मदरसों में थोपा नहीं जा सकता कोई भी विषय
ओवैसी ने कहा कि जो लोग मुस्लिमों की जनसंख्या पर सवाल खड़े कर रहे हैं, उनको जनगणना के आंकड़ों पर ध्यान देना चाहिए। 1991 में मात्र 2 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई। 2011 में मुस्लिमों की जनसंख्या वृद्धि दर और कम हो गई।
उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम उप्र में 2017 के विधान सभा चुनाव ही नहीं, बल्कि अन्य सभी चुनाव लड़ेगी। महाराष्ट्र सरकार द्वारा मदरसों में उर्दू के साथ गणित, अंग्रेजी विषय को अनिवार्य करने के आदेश पर उन्होंने कहा कि मदरसों में किसी भी विषय को थोपा नहीं जा सकता। ये सभी राजनीति के तहत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुझे देश में कहीं भी जाने से कोई नहीं रोक सकता। जब मैं देश की संसद में बोल सकता हूं, तो मेरठ में भी अपनी बात रख सकता हूं। मैं उत्तर प्रदेश में मेरठ से अपनी राजनीति की शुरुआत करता हूं।
आजम खां पर जमकर साधा निशाना
असदुद्दीन ओवैसी सोमवार को हापुड़ रोड स्थित शाही महल में पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित रोजा इफ्तार में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अल्पसंख्यक और दलितों से किए वादों को पूरा नहीं कर पाई है।
ओवैसी बोले कि सपा और भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। सपा ने चुनाव में उप्र के अल्पसंख्यकों से आरक्षण दिलाने का वादा किया, लेकिन इसके साथ ही जनता से किया कोई वादा पूरा नहीं किया। हम बेवजह जेलों में बंद बच्चों को छुड़वाएंगे, उप्र का विकास करेंगे। कानून-व्यवस्था को ठीक करेंगे।
ओवैसी ने कहा कि यूपी में आएदिन हो रहे सांप्रदायिक दंगों के पीछे सपा-भाजपा की ओछी राजनीति है। उप्र में कानून नाम की कोई चीज नहीं है। कैबिनेट मंत्री आजम खां पर हमला बोलते हुए कहा कि आजम खां भूल गए हैं कि मुजफ्फरनगर में दस मुस्लिम महिलाओं के साथ दुराचार किया गया। जिसकी चार्जशीट तक समय से नहीं दी जा रही है। खालिद मुशाहिद की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई। ऐसे में सपा मुस्लिमों की हितैषी कैसे हो सकती है। वह केवल उनका इस्तेमाल कर रही है