ओवैसी बंधुओं की मुसीबत फिलहाल खत्म होती नहीं दिख रही हैं। मंगलवार को मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी को 2005 के एक मामले में जहां जमानत नहीं मिली, वहीं भड़काऊ भाषण देने के मामले में उनके छोटे भाई अकबरुद्दीन ओवैसी की न्यायिक हिरासत पांच फरवरी तक बढ़ा दी गई है।
बड़े ओवैसी पर वर्ष 2005 में मेडक जिले के कलेक्टर एके सिंघल को उनकी ड्यूटी को अंजाम देने से रोकने के साथ ही अन्य आरोप हैं। उनके खिलाफ पतांचेरू पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इस मामले में उनके भाई और एमआईएम विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी भी आरोपी हैं। उन्होंने संगारेड्डी की एक स्थानीय अदालत में जमानत याचिका दायर की थी। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को रद्द कर दिया। वह दो फरवरी तक न्यायिक हिरासत में हैं।
दूसरी ओर शहर की एक अदालत ने भड़काऊ भाषण मामले में एमआईएम के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी की न्यायिक हिरासत पांच फरवरी तक बढ़ा दी। अकबरुद्दीन को अतिरिक्त न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया था। बाद में उन्हें वापस जेल ले जाया गया। ओवैसी को हैदराबाद में स्थित गांधी अस्पताल से निर्मल पुलिस ने आठ जनवरी को गिरफ्तार किया था और तब से वह आदिलाबाद जिला जेल में हैं।