अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्राध्यापक और मुक्त व्यापार के पैरोकार अरविंद पणगरिया को नीति आयोग का पहला उपाध्यक्ष बनाया गया है। अर्थशास्त्री बिबेक देबराय और डीआरडीओ के पूर्व प्रमुख वी के सारस्वत इसके पूर्णकालिक सदस्य होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को इनको नियुक्त किया।
प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान के मुताबिक आयोग में दो पूर्णकालिक सदस्य होंगे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य राजनाथ सिंह, अरुण जेटली, सुरेश प्रभु और राधा मोहन सिंह को इसका पदेन सदस्य बनाया गया है। अयोग के विशेष आमंत्रित सदस्यों में केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी, थावर चंद गहलोत और स्मृति ईरानी शामिल हैं।
अर्थशास्त्र के विद्वान 62 वर्षीय अरविंद पणगरिया मुक्त व्यापार के पैरोकार माने जाते हैं। प्रिंसटन विश्वविद्यालय से पीएचडी करने वाले पणगरिया एशियाई विकास बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री भी रह चुके हैं। इसके अलावा वह विश्व बैंक, विश्व व्यापार संगठन और अंकटाड जैसे संगठनों में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
नीति आयोग के गठन से पहले देश में योजना आयोग का चलन था। यूं तो योजना आयोग को खत्म करने के पीछे मुख्य तर्क एक अलग तरह के संगठन का निर्माण था, लेकिन दोनों संगठनों में कुछ मूलभूत समानताएं दिख रही हैं। दोनों के अध्यक्ष पद पर प्रधानमंत्री ही हैं जबकि संगठन का प्रमुख उपाध्यक्ष है।
जल्द शुरू होगी नीति आयोग की वेबसाइट
योजना आयोग की जगह नीति आयोग (नेशनल इस्टीट्यूट फॉर ट्रॉसफार्मिंग इंडिया) आने के बाद योजना आयोग की वेबसाइट को आर्काइव में डाल दिया गया है। इसकी जगह नीति आयोग वेबसाइट जल्द ही लांच की जाएगी।
नीति आयोग ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर यह जानकारी दी है। ट्वीट में कहा गया है कि प्रशासनिक सुधार प्रगति पर हैं। नीति आयोग की वेबसाइट कुछ ही दिनों में तैयार हो जाएगी। भारत को बदलने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नीति आयोग ने योजना आयोग से संबंधित सामग्री के लिए एक लिंक भी अपनी पोस्ट में दिया है।