अरविंद केजरीवाल की सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ एफआईआर की अनुमति दे दी है। शीला दीक्षित के खिलाफ एफआईआर की यह अनुमति 2010 में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान हुए भ्रष्टाचार को लेकर दी है।
केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को दिल्ली के एंटी-करप्शन ब्यूरो को यह निर्देश दिया कि वह पूर्व म़ुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ एफआईआर कराएं और इसकी जांच करें। यह एफआईआर राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान स्ट्रीट लाइटिंग की खरीदारी को लेकर होगी, जिसे असल कीमत से कई गुना ज्यादा कीमत पर खरीदा गया था।
कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी को समर्थन देकर दिल्ली में केजरीवाल के नेतृत्व में सरकार बनवाई है। केजरीवाल ने उसी समर्थन वाले 'हाथ' को काटना शुरू कर दिया है। केजरीवाल ने एक इंटरव्यू में कहा था कि कांग्रेस हमें समर्थन देकर एक दिन जरूर पछताएगी।
1984 दंगों में एसआईटी बनाने की मांग
दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने उप राज्यपाल नजीब जंग से मांग की है कि वह दिल्ली में हुए 1984 के दंगों को लेकर एसआईटी बनाएं। इसकी जानकारी देते हुए दिल्ली के शिक्षा मंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि कैबिनेट की ओर से उप राज्यपाल को चिट्ठी लिखी गई है, जिसमें उनसे मांग की गई है कि वह 84 में हुए दंगों को लेकर एक एसआईटी बनाएं। जो इन दंगों की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट दे।
खुलेगी 1984 दंगों की बंद फाइलें
सिसोदिया ने आगे कहा कि 1984 से जुड़ी हुई उन सभी फाइलों को फिर से खोला
जाना चाहिए, जो अब बंद कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि हमारी यह भी मांग है
कि दिल्ली में हुए इन वीभत्स दंगों की जांच किसी और राज्य की पुलिस को दे
दी जाए। उल्लेखनीय है कि 1984 के दंगों में केवल दिल्ली में 281 मामले दर्ज हुए, जिन्हें अब बंद कर दिया गया है।
राहुल ने कहा था, माफी की जरूरत नहीं
1984 दंगा मामला तब एक बार फिर सुर्खियों में आ गया, जब कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने एक इंटरव्यू में कहा कि वह 1984 दंगों के लिए माफी नहीं मांगेंगे। इसके बाद से दिल्ली में रहने वाले सिखों ने राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू किया। इसके बाद दिल्ली सरकार ने कहा कि हमारी सरकार इन दंगों को लेकर संवेदनशील है और उनकी दोबारा जांच कराना चाहती है।