दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस-भाजपा पर जमकर हमला बोला। केजरीवाल ने कांग्रेस और भाजपा दोनों पर मुकेश अंबानी के साथ संबंध होने के आरोप लगाए।
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कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पिछले दस साल से यूपीए की दुकान मुकेश अंबानी चला रहे थे। तो मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी की रैली का खर्चा कहां से आ रहा है।
केजरीवाल ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि जैसे ही हमने मुकेश अंबानी पर हमला बोला वैसे ही दोनों ही पार्टियां एक हो गईं। केजरीवाल ने कहा कि बीते दो दिनों में ही कांग्रेस और बीजेपी का असली चेहरा सामने आ गया।
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हमने दिल्ली के काम कराए
केजरीवाल ने कहा कि जितना काम 65 साल में कांग्रेस-बीजेपी ने नहीं करवाए उससे ज्यादा काम हमने दो महीनों में करके दिखा दिया। हमने दिल्ली की जनता को बिजली, पानी और भ्रष्टाचार मुक्त शासन किया।
केजरीवाल ने कहा कि हमने दो महीने में भ्रष्टाचार कम करके दिखा दिया। केजरीवाल ने कहा कि हमने कार्रवाई करते हुए वीरप्पा मोइली से लेकर अंबानी तक पर एफआईआर दर्ज करके दिखाई। केजरीवाल ने दिल्ली में तुरंत चुनाव कराने की मांग की।
केजरीवाल ने LG को भेजा इस्तीफा
जनलोकपाल बिल विधानसभा में पास नहीं करा पाने के कारण दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
केजरीवाल ने पहले ही साफ कर दिया था कि जनलोकपाल बिल पास कराना उनकी प्रमुख मांग है और अगर वो इस बिल को पास नहीं करा पाएंगे तो अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।
कार्यवाही के दौरान सदन में बिल पेश करने के विरोध में कांग्रेस और भाजपा के 42 विधायकों ने मतदान किया था। जबकि 27 विधायकों ने इसके समर्थन में मतदान किया था। भारी विरोध के कारण बिल सदन में पेश नहीं हो पाया।
कांग्रेस और भाजपा दोनों ने पहले से ही साफ कर दिया था कि अगर बिल कानून सम्मत होगा तभी वह उसका समर्थन करेंगे। इससे पहले आम आदमी पार्टी के बड़े नेता योगेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं ने हाथ मिला लिए हैं।
आप कार्यालय पर समर्थकों की भारी भीड़
दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के इस्तीफे की संभावना के मद्देनजर आम आदमी पार्टी आप के दिल्ली स्थित कार्यालय पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई थी।
केजरीवाल के इस्तीफे के ऐलान की संभावना ने पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश भर दिया। हनुमान रोड़ स्थित कार्यालय पर पहुंचे सैकड़ों कार्यकर्ता कांग्रेस और भाजपा के विरोध में जबरदस्त नारे लगा रहे थे।
पार्टी कार्यालय में एक बडा टेलीविजन स्क्रीन लगाया गया था जिस पर दिल्ली विधानसभा कार्यवाही का सीधे प्रसारण किया गया केजरीवाल के भाषण पर कार्यकर्ता तालियां बजा रहे थे तथा समर्थन में नारे लगा रहे थे।
पहले ही दिया था इस्तीफे का संकेत
जन लोकपाल विधेयक दिल्ली विधानभा में पेश कराने में विफल रहे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस्तीफा देने का संकेत देते हुए आज कहा था कि वह भ्रष्टाचार मिटाने की खातिर हजार बार सरकार कुर्बान करने को तैयार हैं और यह उनका आखिरी सत्र है।
केजरीवाल ने आज दिनभर चले हंगामेदार सत्र के आखिर में अनुपूरक मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि अब वह भ्रष्टाचार के खिलाफ इस क्रांति को सड़क से संसद तक ले जाएंगे।
विधानसभा में दिल्ली जन लोकपाल विधेयक रखे नहीं जाने के बाद ही केजरीवाल के इस्तीफे की संभावना बढ़ गई और समझा जा रहा है कि केजरीवाल कुछ ही समय में इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं।
कुछ समय पहले पार्टी के नेता योगेन्द्र यादव ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में ही केजरीवाल के इस्तीफे के बारे में अंतिम फैसला किया जाएगा।
कांग्रेस-भाजपा पर लगाया रिलायंस से सांठ गांठ का आरोप
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी पर रिलायंस से चंदा लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस ग्रुप के उद्योगपति मुकेश अंबानी के खिलाफ उनकी सरकार ने एफआईआर दायर की तो ये दोनों पार्टियां खुलकर एक साथ आ गईं।
उन्होंने कहा हमारी सरकार आने से पहले यहां इन दोनों पार्टियों की मैच फिक्सिंग चल रही थी।
दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा दोनों ने जन लोकपाल विधेयक को बिना केंद्र की अनुमति के सदन में लाए जाने को असंवैधानिक करार दिया और कहा कि जिस संविधान की शपथ लेकर आम आदमी पार्टी ने सरकार बनाई है।
वह उसी संविधान का पालन नहीं कर रही है। आखिरकार विधेयक बहुमत के विरोध के कारण सदन में पेश नहीं हो पाया।
कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के भारी विरोध और आवश्यक बहुमत नहीं होने के कारण जनलोकपाल विधेयक आज दिल्ली विधानसभा में पेश नहीं हो सका।
विधानसभा स्पीकर एम एस धीर ने एक बार तो विधेयक पेश करा दिया था जिसका कांग्रेस और भाजपा के सदस्यों ने कड़ा विरोध किया। इसके बाद उन्होंने विधेयक पेश कराने के लिए सदन की राय जानने के लिए मतदान कराया जिसमें विधेयक पेश करने के विरोध में 42 मत पड़े।
इस पर अध्यक्ष ने कहा कि विधेयक के विरोध में 42 मतों को देखते हुए यह विधेयक पेश नहीं हुआ है। इससे पहले दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग की सलाह को दरकिनार करते हुए जनलोकपाल विधेयक विधानसभा में पेश कर दिया गया था।
जंग ने विधानसभा अध्यक्ष एम एस धीर को पत्र लिख कर कहा था कि यह विधेयक उन्हें दिखाया नहीं गया इसलिए उस पर विचार नहीं किया जाए। स्पीकर ने यह पत्र सदन में पढ़कर सुनाया।