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'जारी रहेगा धरना, सड़क से चलेगी सरकार'

Tue, 21 Jan 2014 12:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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मंत्रियों से दुर्व्यवहार करने वाले तीन पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अपनी कैबिनेट के साथ अरविंद केजरीवाल का रेल भवन के सामने धरना जारी है।
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केजरीवाल ने मांगें नहीं माने जाने तक धरना जारी रहने और यहीं से सरकार का कामकाज चलाने का ऐलान भी किया। उन्होंने कहा कि वह दस दिन के धरने की तैयारी करके आएं हैं और मंगलवार को भी धरना जारी रहेगा।

केजरीवाल ने हर उस शख्स से धरने में शामिल होने की अपील की है जो पुलिस से परेशान है। उन्होंने ईमानदार पुलिसवालों से भी कहा कि वह छुट्टी लेकर धरने में शामिल हों।
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देश के इतिहास में यह शायद पहली बार है, जब कोई मुख्यमंत्री अपनी मांगों को लेकर पूरी कैबिनेट के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ धरने पर बैठा है।
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केजरीवाल का शिंदे पर जोरदार हमला

इस बीच, केंद्र ने भी अपना रुख सख्त कर लिया है। पुलिस वालों पर तत्काल कार्रवाई की मांग को खारिज करते हुए गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने साफ किया है कि जांच के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा।

उन्होंने दिल्ली पुलिस को दिल्ली सरकार के अधीन लाने की मांग को नामंजूर कर दिया। ऐसे में गतिरोध फिलहाल बरकरार रहने के आसार हैं।

वहीं, केजरीवाल ने शिंदे पर भी जोरदार हमला बोला। पूर्व गृह सचिव आरके सिंह के आरोपों का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने शिंदे पर दिल्ली पुलिस के अधिकारियों की तैनाती में पैसे की उगाही का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कानून मंत्री सोमनाथ भारती का बचाव करते हुए कहा कि उगांडा उच्चायोग की एक महिला ने भारती से मिलकर उनकी सराहना की है और कहा है कि उगांडा से भारत लाकर वेश्यावृत्ति में धकेला जा रहा है। उन्होंने भारती को इस संबंध में एक पत्र भी सौंपा है।

पुलिस ने की विधायक की पिटाई!

इससे पहले गृह मंत्रालय के सामने धरना देने जा रहे केजरीवाल के काफिले को सुबह 11 बजे करीब रेल भवन के पास रोक दिया गया। आगे जाने की इजाजत नहीं मिलने पर केजरीवाल रेलभवन के सामने पार्क में ही धरने पर बैठ गए।

इस बीच वहां लगे बैरीकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे आप कार्यकर्ताओं की दिल्ली पुलिस के साथ झड़पें भी हुईं। पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पार्टी विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी की पिटाई करने का आरोप लगाया।

वहां पहुंचे परिवहन मंत्री सौरभ भारद्वाज को भी पुलिस ने अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इस पर पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह और आशुतोष की पुलिस से जमकर कहासुनी हुई।

केंद्र का केजरीवाल को दो टूक जवाब

केंद्र सरकार ने दो टूक कहा है कि अरविंद केजरीवाल की मांगें नहीं मानी जाएंगी।

केजरीवाल के धरने को अराजक बताते हुए गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने सोमवार को ऐलान किया कि कथित दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ चल रही जांच के पूरा हुए बिना उन्हें निलंबित नहीं किया जा सकता।

साथ ही पुलिस को दिल्ली सरकार के सुपुर्द करने का भी केंद्र का कोई इरादा नहीं। उधर केजरीवाल के धरने को देखते हुए गृहमंत्रालय ने दिल्ली पुलिस के सभी अधिकारियों और कर्मियों की छुट्टी रद्द कर दी है।

'नहीं होगी कोई पुलिसिया कार्रवाई'

दिल्ली पुलिस के चार पुलिस अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने की जिद पर धरने पर बैठे केजरीवाल को शिंदे ने मुख्यमंत्री पद की गरिमा का खयाल रखने की सलाह दी है।

संसद के पास अरविंद और उनके पूरे कैबिनेट के धारा 144 के खुले उल्लंघन के सवाल पर गृहमंत्री ने कहा कि यह जांच पुलिस या कोई दूसरी एजेंसी नहीं बल्कि प्रशासनिक न्यायिक आयोग कर रहा है। लिहाजा इस पर किसी को शक नहीं होना चाहिए।

शिंदे के मुताबिक केजरीवाल मुख्यमंत्री की गरिमामय कुर्सी पर बैठे हैं, उन्हें जांच में सहयोग करना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि केजरीवाल और उनके सहयोगियों पर कोई पुलिसिया कार्रवाई नहीं होगी।

विभिन्न विकल्पों पर माथापच्ची

गृहमंत्रालय के मुताबिक दिल्ली में कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता है।

26 जनवरी की परेड और उससे संबंधित सुरक्षा के मद्देनजर मंत्रालय उच्च स्तर पर हालात से निबटने के लिए विभिन्न विकल्पों पर माथापच्ची कर रहा है।

केजरीवाल के अड़ियल रुख को देखते हुए सरकार 23 तारीख के बाद की रणनीति भी तैयार कर रही है जब गणतंत्र दिवस के चलते इंडिया गेट, संसद और राष्ट्रपति भवन का पूरा इलाका सेना अपने हाथ में ले लेती है।

कानून मंत्री के रवैये से महिला आयोग नाराज

सियासत में फिल्म सरीखी लोकप्रियता बटोरने के लिए नए-नए प्रयोग कर रहे दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती के रवैये पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने कड़ी आपत्ति जताई है।

पिछले हफ्ते खिड़की एक्सटेंशन में देह व्यापार और ड्रग्स के गिरोह का भंडाफोड़ करने की कोशिश में विदेशी महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने पर आयोग ने भारती को आड़े हाथ लिया है।

उनके रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा है कि कानून मंत्री होते हुए उनके गैरकानूनी तरीके को राज्य सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए।

कड़े कदम उठाएं केजरीवाल

शर्मा ने कहा कि भारती के व्यवहार से विदेशी पर्यटक आहत हैं। उनके व्यवहार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजधानी की गलत छवि पेश हो रही है।

कानून मंत्री का काम नीतिगत निर्णय लेने के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियों की देखरेख करना है लेकिन कानून मंत्री होने के बावजूद उन्होंने कानून तोड़ने का काम किया है। इसके लिए उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

महिला के निजी स्थल पर बिना वारंट जाना गैरकानूनी कदम था। इस निंदनीय घटना के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी कड़े कदम उठाने चाहिए।

आयोग की सदस्य निर्मला सामंत का कहना है कि बेशक ऐसी घटनाएं फिल्मों में लुभावनी लगती है लेकिन लोकप्रियता बटोरने के लिए आम जिंदगी में ऐसे कदम उठाना ठीक नहीं है।

पिछले हफ्ते यह मामला उजागर होने के बाद महिला आयोग ने घटना संज्ञान में ले लिया है।

कांग्रेस के लिए गले की फांस बना समर्थन

दिल्ली पुलिस के तीन थानेदारों के निलंबन की मांग को लेकर धरने पर बैठे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के चुनावी मौसम में सियासी मजमा लूटने से कांग्रेस हाईकमान असहज हो गया है।

पार्टी के समर्थन से सरकार चला रहे केजरीवाल के कांग्रेस की ही फजीहत करने से पार्टी हतप्रभ है। पार्टी के लिए आप सरकार को समर्थन देने का फैसला गले की फांस बन गया है।

कांग्रेस मुख्यमंत्री केजरीवाल से इस रवैये की कतई उम्मीद नहीं कर रही थी। हालांकि सरकार से समर्थन वापसी के सवाल पर पार्टी ने मौन धारण कर रखा है। फिलहाल तो आम आदमी पार्टी पर मुंह जुबानी निशाना साधा जा रहा है।

'केजरीवाल सरकार की उलटी गिनती शुरू'

सरकार और कांग्रेस ने आप को गैरजिम्मेदार पार्टी कहा है।

वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने आप को समर्थन देने के पार्टी के निर्णय पर ही सवाल खड़े किए हैं। जबकि सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने केजरीवाल पर संवैधानिक अराजकता फैलाने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस प्रवक्ता मीम अफजल ने कहा कि केजरीवाल सरकार की उलटी गिनती शुरू हो गई है। केजरीवाल के धरना प्रदर्शन से राजधानी के लोगों को परेशानी हो रही है।

केंद्र और कांग्रेस के लिए नई मुसीबत

केजरीवाल और उसके मंत्रियों के धरना प्रदर्शन से केंद्र सरकार और कांग्रेस के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। धरने के जरिए माहौल बनाकर केंद्र सरकार को घुटने टेकने को मजबूर करने की रणनीति केजरीवाल अन्ना के आंदोलन के समय भी अपना चुके हैं।

वह खूब जानते है कि किस तरह मीडिया में सुर्खियों में छाकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जाता है। सरकार और कांग्रेस भी इस बात को जानती है। मगर सुलह और टकराव दूर करने को लेकर नरमी के अलावा उसे कोई उपाय सूझ नहीं रहा है।

ऐसी परिस्थितियों में सरकार से समर्थन वापसी की बात तो पार्टी सोच भी नहीं रही है। पार्टी का मानना है कि इससे आप को फायदा ही होगा। लिहाजा, दिल्ली में ट्रैफिक जाम और सरकार का कामकाज नहीं होने को ही आधार बनाकर आप पर चोट की जा रही है।

ब्लैकमेल करना कहां तक सही?

मनीष तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठकर अपनी बात मनवाने के लिए ब्लैकमेल करना कहां तक सही है। उन्हें इस कुर्सी की मर्यादा रखनी चाहिए।

वहीं पार्टी प्रवक्ता मीम अफजल ने कहा कि दिल्ली में सड़कों पर लोग जाम में फंसे रहे। लोग अपने दफ्तर नहीं पहुंच पाए। क्या केजरीवाल इसी तरह का सुशासन दिल्ली की जनता को दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आप को दिल्ली की जनता की भलाई के लिए समर्थन दिया है, क्योंकि लोग चाहते थे कि सरकार बने। मगर जिस तरह से आप सरकार काम में कम अपने प्रचार में ज्यादा ध्यान दे रही है, उसका जवाब जनता उन्हें जल्द देगी।

केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन बंद

केजरीवाल के धरने के मद्देनजर केंद्रीय सचिवालय और उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन मंगलवार को भी सुबह छह बजे से 10 बजे तक बंद रहेंगे।

दिल्ली मेट्रो के प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली पुलिस के आग्रह पर यह फैसला किया गया है। सोमवार को पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन और रेस कोर्स स्टेशनों को सुबह नौ बजे से बंद रखा गया।

बाद में दोपहर बाद सवा दो बजे करीब पटेल चौक और रेस कोर्स स्टेशनों को खोल दिया गया।

सरकारी धरने पर सवाल

1. क्या इसी तरह जनता की समस्याएं दूर होंगी?

2. अपने मंत्रियों को बचाने के लिए धरना देना कितना उचित?

3. धरने से ट्रैफिक जाम, मेट्रो बंद, लोग रहे परेशान, जिम्मेदार कौन?

4. दिन भर पूरी सरकार सड़क पर रही, सचिवालय में कामकाज जीरो।

5. गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा की चुनौती के बीच पुलिस वालों को भी धरने में बुलाया, ऐसा हुआ तो क्या अव्यवस्था नहीं फैलेगी?

6. कहीं ऐसा तो नहीं कि पार्टी के अंदरूनी विवादों से ध्यान बंटाने के लिए धरने का खेल खेला जा रहा हो?
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क्या है मामला?

दिल्ली के कानून मंत्री सोमनाथ भारती ने बुधवार रात दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से खिड़की एक्सटेंशन में एक मकान में छापा मारने को कहा था, जिससे दिल्ली पुलिस ने इंकार कर दिया।

आरोप था कि मकान में ड्रग्स और देह व्यापार का धंधा चल रहा है। भारती की पुलिस अफसर से तू-तू, मैं-मैं हो गई थी।

इसके बाद दिल्ली सरकार ने इन वालों के पुलिस अधिकारियों का अगर निलंबन नहीं किया गया तो सोमवार को नॉर्थ ब्लॉक के सामने धरना देंगे।
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