रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह सीजफायर का उल्लंघन करता है तो उसे उसकी पीड़ा झेलनी पड़ेगी।
उन्होंने पाक के खिलाफ की गई जवाबी कार्रवाई के संदर्भ में कहा कि हम पहले केवल कवच का इस्तेमाल करते थे लेकिन इस बार हमने तलवार का भी इस्तेमाल किया।
हालांकि साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर पाकिस्तान उचित माहौल बनाता है तो भारत उसके साथ बातचीत करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान की ओर से सीजफायर के उल्लंघन की छिटपुट घटनाएं घटी हैं। एक समाचार चैनल से बातचीत में जेटली ने कहा कि जब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी करता है तो बीएसएफ उसका जवाब देती है। जब वह नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी करता है तो सेना उसका जवाब देती है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की तुलना में हमारी ताकत काफी ज्यादा है और अगर वे सीजफायर का उल्लंघन करते हैं तो उन्हें इसकी कीमत भारी पड़ेगी। उन्हें इस तरह के रोमांच का दर्द भी झेलना होगा।
उन्होंने कहा कि सामान्य तौर जब पाकिस्तान सीजफायर तोड़ता है तो हमारे तरफ से भी कार्रवाई होती है लेकिन हम हमेशा अपने हाथों में कवच रखते थे, लेकिन इस बार हमने हाथों में तलवार ले रखा था। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों पाकिस्तान ने भारी गोलीबारी की जिसकी प्रतिक्रिया भी स्वाभाविक तौर पर भारी थी।
'आईएस व अल कायदा भारत के लिए बड़ा खतरा नहीं'
आतंकी संगठन आईएस और अल कायदा अब तक भारत के लिए बड़ा खतरा नहीं बने हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने मंगलवार को कहा है कि कट्टरवादी तत्वों की ओर से मुस्लिम समुदाय को बड़े पैमाने पर रिझाने की तमाम कोशिशें नाकाम हो रही हैं। डोभाल के मुताबिक हालांकि सुरक्षा एजेंसियां इन दोनों अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही है। पाकिस्तान के साथ जारी विवाद पर उन्होंने कहा है कि वार्ता के जरिए इसे सुलझाया जा सकता है।
डोभाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में इन संगठनों के झंडे लहराने की घटना से यह चिंता जरूर बढ़ी है कि मुस्लिम बहुल राज्य में आईएस और अल कायदा का समर्थन बढ रहा है। लेकिन वहां भी फिलहाल इस आशंका का कोई ठोस आधार नहीं मिला है। खुफिया एजेसी आईबी के पूर्व निदेशक और कोवर्ट ऑपरेशन के माहिर माने जाने वाले डोभाल ने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत से कोई भी समस्या सुलझाई जा सकती है। पाकिस्तान और चीन के संदर्भ में डोभाल ने कहा कि दोनों पड़ोसियों के साथ सीमा सुरक्षा पर किसी तरह का समझौता किए बिना बातचीत जारी रखनी चाहिए।
पाकिस्तान के मद्देनजर उन्होंने कहा कि भारत बातचीत का पक्षधर है, लेकिन साथ ही उसकी आतंकी रणनीति का करारा जवाब दिया जाता रहेगा। डोभाल के मुताबिक भारत आईएसआईएस और अल कायदा के संभावित खतरों से निबटने के लिए पूरी तरह तैयार है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात पर बारीक नजर रख रही हैं कि इन दोनों संगठनों का भारत से कोई भी संबंध यहां के हित को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से प्रभावित तो नहीं कर रहा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का दोनों कुख्यात आतंकी संगठनों को लेकर दिया गया बयान एनएसजी के डीजी के पिछले हफ्ते दिए गए बयान के उलट है। गौरतलब है कि एनएसजी डीजी ने कहा था कि भारत के कई शहरों पर आईएस और अल कायदा के आतंकी हमलों का खतरा है।
त्योहारों पर आतंकी हमले की संभावना: राजनाथ
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने त्योहारों पर देश में आतंकी हमले की संभावना खारिज नहीं की है। उन्होंने कहा कि हम आतंकी गतिविधियों को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। इसके लिए राज्यों को अलर्ट करने के साथ ही सुरक्षा एजेंसियों को चौकस रहने के लिए कहा गया है।
मंगलवार को एक कार्यक्रम में भाग लेने आए गृह मंत्री ने कहा कि सभी राज्यों को इस खतरे के संबंध में अलर्ट जारी करते हुए कहा गया है कि पूजा स्थलों और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखें।
उन्होंने कहा कि राज्यों को नियमित अलर्ट भेजने के साथ ही खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर भी अलर्ट भेजा गया है।