ललित मोदी विवाद को लेकर हंगामे की भेंट चढ़े संसद के मानसून सत्र के बाद सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। विपक्ष जहां इसके लिए प्रधानमंत्री की चुप्पी को जिम्मेदार ठहराया है, वहीं सरकार ने विपक्ष पर संसद ठप्प करने का आरोप मढ़ा है।
कांग्रेस के खिलाफ 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च निकालने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि विपक्ष का जो व्यवहार संसद में देखने को मिला, उसने हमें परेशान तो किया लेकिन राष्ट्र को इससे एक संदेश मिल गया। कांग्रेस का असली चेहरा जनता के सामने आ गया।
अरुण जेटली ने गांधी परिवार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश की एक बड़ी पार्टी के सबसे बड़े नेता वेल में आकर नारेबाजी करते हैं। ऐसा लगता है कि राहुल गांधी को संसदीय भाषण और नारों में कोई फर्क ही दिखाई नहीं देता।
देश का विकास रोकना चाहती है कांग्रेस
जेटली ने कहा कि कांग्रेस की नीति स्पष्ट है, सिर्फ अपनी सरकार को छोड़कर बाकी किसी भी सरकार के काम में रुकावट डालना। संसद के इस सत्र में बिना किसा कारण के व्यवधान उत्पन्न किया गया। इस सत्र में कई उतार-चढ़ाव देखने को भी मिले।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की असली मंशा देश के सामने आ गई है। यह पार्टी किसी भी तरीके से देश के आर्थिक विकास को रोकना चाहती है। ये लोग अपनी पूरी ताकत देश की प्रगति को रोकने में लगा रहे हैं।
जेटली ने तीखे अंदाज में कहा कि पूरे देश ने देखा है कि कांग्रेस और उसपर राज करने वाले एक परिवार ने कैसे संसद के काम में रुकावट डाली है। उन्होंने कहा कि हमने कोई विरोध मार्च नहीं निकाला है, हमने यह दिखाने की एक कोशिश की है कि कोई एक पार्टी बिना किसी कारण के रुकावट नहीं डाल सकती।
1 अप्रैल तक लागू करेंगे जीएसटी
जेटली ने कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि जब हम वरिष्ठ होते जाते हैं तो लोगों को हमसे एक परिपक्व बयान की उम्मीद होती है लेकिन राहुल जैसे-जैसे बड़े होते जा रहे हैं, वैसे-वैसे वे ज्यादा अपरिपक्व होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लिखा हुआ पढ़ते हैं वो हमेशा एक ही बात दोहराते हैं।
जेटली ने कहा कि विपक्ष का मकसद किसी भी कीमत पर जीएसटी बिल को रोकना है। हम आपको अपनी रणनीति नहीं बता सकते लेकिन हम 1 अप्रैल तक जीएसटी जरूर लागू कर देंगे।
भाजपा के हमले पर कांग्रेस का पलटवार
वहीं कांग्रेस भी भाजपा के आरोपों का जवाब देने के लिए फौरन मैदान में उतर आई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि बोफोर्स मामले में राजीव गांधी पर जो आरोप लगाए गए थे, उसमें सीबीआई को कोई सबूत नहीं मिले जिसके आधार पर कोर्ट ने उनको बरी कर दिया था, अगर बीजेपी के पास कोई सबूत था तो फिर उसने वो सीबीआई या कोर्ट में क्यों नहीं पेश किए।
ललित मोदी विवाद पर सुषमा को कटघरे में खड़ा करते हुए चिदंबरम ने कहा कि आखिर क्यों उन्होंने ललित मोदी की मदद की? सुषमा को अगर मानवता के आधार पर मोदी की मदद करनी थी तो उनको भारतीय दस्तावेज दिलवाने के बजाय ब्रिटिश दस्तावेज क्यों दिलवाए।