जम्मू में एक सनसनीखेज वाकये में अज्ञात हमलवारों में सेना के जवान की आंखें निकाल लीं और उसे बुरी तरह जख्मी कर मरणासन्न हालत में सड़क पर फेंक दिया।
जवान राकेश कुमार दत्ता (32) को सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। हमलावरों के बारे में फिलहाल कोई सुराग नहीं मिल सका है।
हालांकि पुलिस का मानना है कि ये आतंकी वारदात नहीं है। पुलिस के मुताबिक, ये रंजिशन की गई वारदात प्रतीत हो रही है।
जानकारी के मुताबिक, किश्तवाड़ में 3-डोगरा रेजिमेंट के जवान राकेश कुमार दत्ता का एक महीने की छुट्टी काट कर ड्यूटी के लिए वापस जा रहा था। राकेश के पिता कुलदीप दत्ता ने बताया कि वह सोमवार को घर निकला था, लेकिन रास्ते में उसका अपहरण कर लिया गया।
दो दिन बाद बुधवार को अखनूर के चौकी चौरा इलाके में वह सड़क किनारे बेहोश पड़ा मिला।
अपहरणकर्ताओं उसकी एक आंख निकाल ली थी और दूसरी आंख निकालने की कोशिश में पूरी तरह नष्ट कर दी थी। इसके बाद उसे सड़क पर फेंक दिया।
कुलदीप दत्ता ने बताया कि जब राकेश घर से निकला था, उसके पास सामान, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन था। फिलहाल इनमें से कुछ भी उसके पास नहीं है।
पुलिस महानिरीक्षक राजेश कुमार ने कहा है कि वारदात का आतंकवाद से संबंध नहीं है। यह आपसी विवाद का मामला लगता है। कुछ युवकों से पूछताछ की जा रही है। बेहोश होने के कारण जवान कुछ नहीं बता पा रहा है। हालांकि मामले की जांच की जा रही है।