आर्मी चीफ जनरल दलबीर सिंह सुहाग ने कहा है कि पठानकोट के चरमपंथी हमले के बाद ऑपरेशन आसान नहीं था। इस ऑपरेशन में इसलिए ज़्यादा वक़्त लगा क्योंकि हम चाहते थे कि कम से कम लोग हताहत हों।
पठानकोट ऑपरेशन के बाद पहली बार मीडिया के सामने आए आर्मी चीफ ने कहा कि सेना एनएसजी के तहत काम नहीं कर रही थी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन की पूरी कमान वेस्टर्न कमांड के हाथ में थी।
एनएसजी को इसलिए बुलाया गया था कि अगर किसी को बंधक बनाया गया हो, तो उनकी मदद ली जा सके। सुहाग ने इस बात से भी इनकार किया कि एजेंसियों में तालमेल की कमी थी। आर्मी चीफ ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान एजेंसियों में अच्छा तालमेल देखा गया।