थल सेना के एक मौलवी के दावे से विवाद पैदा हो गया है। मौलवी ने दावा किया है कि उन्हें अभिवादन में ‘राम-राम’ और ‘जय माता दी’ की जगह ‘जय हिंद’ बोलने से रोका गया। हालांकि सेना ने मौलवी के दावे को बकवास करार दिया है।
तीन राजपूताना राइफल्स के सूबेदार इशरत अली ने राष्ट्रपति और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि उनके कमांडिंग ऑफिसर ने बटालियन के अभिवादन के आधिकारिक शब्द ‘राम-राम’ और ‘जय माता दी’ की जगह ‘जय हिंद’ के इस्तेमाल पर नोटिस दिया है।
उन्होंने पत्र की प्रति उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी भेजी है। अली ने ‘राम-राम’ और ‘जय माता दी’ को हिंदू धार्मिक शब्द करार देते हुए कहा है कि एक मुस्लिम धर्मगुरु होने के कारण उनके लिए इसका इस्तेमाल करना मुश्किल है।