सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रमुख घटक दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) द्वारा समर्थन वापसी के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मंगलवार को अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया। साथ ही उन्होंने राज्यपाल से विधानसभा भंग करने की सिफारिश की है। विधानसभा भंग कर नए सिरे से चुनाव कराने की सिफारिश करने का फैसला कैबिनेट की बैठक में किया गया था।
उधर, शिबू सोरेने के नेतृत्व में जेएमएम का प्रतिनिधिमंडल भी राज्यपाल से मिला और उन्हें समर्थन वापसी का पत्र सौंपा। इस बीच, राज्य में वैकल्पिक सरकार बनाने के लिए कांग्रेस और जेएमएम के बीच पर्दे के पीछे प्रयास जारी है, लेकिन बातचीत अभी किसी मुकाम पर नहीं पहुंची है। ऐसे में प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की संभावना बढ़ गई है। सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल विधानसभा को निलंबित रखते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर सकते हैं।
मुंडा के इस्तीफे और विधानसभा भंग करने की सिफारिश के बाद अब गेंद राज्यपाल के पाले में चली गई है। हालात को देखते हुए केंद्र सरकार भी हरकत में आ गई है। उधर, कांग्रेस की झारखंड इकाई प्रदेश में झामुमो के साथ मिलकर सरकार बनाने की इच्छुक लग रही है। मगर पार्टी हाईकमान फिलहाल किसी जल्दबाजी में नहीं दिख रहा है। सारी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही हाईकमान कोई फैसला लेने के बारे में सोच रहा है।
सूत्रों का कहना है कि पार्टी के शीर्ष नेता झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के संपर्क में हैं। मगर फिलहाल बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। जिसकी वजह से भी प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगने की संभावना ने जोर पकड़ लिया है।
सूत्रों का कहना है कि राज्यपाल विधानसभा को एक निश्चित समय के लिए निलंबित करने की सिफारिश कर सकते हैं। इस बीच अगर प्रदेश में कोई वैकल्पिक सरकार बनाने की स्थिति बनती है तो वहां दुबारा सरकार बनेगी अन्यथा फिर चुनाव कराए जाएंगे।
कांग्रेस का एक धड़ा सदन को निलंबित रख फिलहाल राष्ट्रपति शासन के पक्ष में है। उसका मानना है कि अगले तीन महीने में सारी परिस्थितियों को खंगालने का समय मिलेगा। साथ ही झामुमो को दबाव में लाया जा सकता है ताकि वैकल्पिक सरकार बनाने की स्थिति में कांग्रेस मुख्यमंत्री की उम्मीदवारी पर अपना दावा कर सके।
विधानसभा भंग करने की सिफारिश का विरोध
कांग्रेस ने मुंडा की ओर से विधानसभा भंग करने की सिफारिश करने का विरोध किया है। कांग्रेस प्रवक्ता पीसी चाको ने कहा है कि अल्पमत की सरकार विधानसभा भंग करने की सिफारिश कैसे कर सकती है।
पार्टी नेता शकील अहमद ने कहा है कि राज्यपाल की सिफारिश के बाद ही कांग्रेस अंतिम फैसला करेगी। झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू ने कहा है कि झामुमो के साथ मिलकर वैकल्पिक सरकार बनाने की कोशिश जारी है।