चलती बस में गैंगरेप की घटना के बाद महिलाओं को हर तरह की मदद के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने हाल ही में शुरू की 181 नंबर वाली हेल्पलाइन सेवा चर्चा का केंद्र बन गई है। हेल्पलाइन पर फोन करने वाली महिलाओं से अजब-गजब सवाल किए जाते हैं।
पूछा जाता है कि आप की मौजूदा स्थिति क्या है। क्या आप शादीशुदा हैं। घर पर आप अकेली रहती हैं। यही नहीं महिलाओं की सुरक्षा हेल्पलाइन पर ऐसे अजब-गजब सवाल कोई महिला ऑपरेटर नहीं बल्कि पुरुष ऑपरेटर पूछ रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा या मदद मांगने वाली फरियादी ही डर जाती है।
ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने इस संबंध में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि हेल्पलाइन पर फरियादी का स्टेटस यानि निजी जिंदगी की जानकारी लेने का कोई औचित्य नहीं है।
शादीशुदा है या नहीं, घर पर अकेली रहती हैं या किसी के साथ में, इससे मदद या सुरक्षा के लिए फोन करने वाली को बताना अनिवार्य नहीं है। दिल्ली के एनजीओ, महिला संगठनों ने भी इस संबंध में कड़ी आपत्ति जतायी है। संगठनों का कहना है कि हेल्पलाइन को पुरुष ऑपरेट कर रहे हैं। इससे अजब-गजब सवाल पूछे जाने पर मदद मांगने वाली महिला का डरना स्वाभाविक ही है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्हें विभिन्न संगठनों की ओर से ढेर सारे सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को पत्र लिखकर भेज दिया गया है। पत्र में चार प्रमुख सुझाव दिए गए हैं, जिसमें महिला ऑपरेटर की नियुक्ति शामिल है। इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्री पेड टैक्सी, आटो रिक्शा बूथो पर ड्राइवरों का पूरा लेखा-जोखा यानि रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जाना चाहिए।