मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
यह सुविधा देश भर में खुले कॉमन सर्विस सेंटरों (सीएससी) पर भी उपलब्ध कराई जा रही है।
यहां लोग ऑनलाइन अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकेंगे।
निर्वाचन आयोग ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी सीएससी से इस संबंध में समझौता किया है। कंपनी ने ई-गवर्नेंस के लिए देश भर में एक लाख से भी ज्यादा कॉल सेंटर खोले हैं।
नेशनल ई-गवर्नेंस के लिए केंद्रीय सूचना एवं तकनीकी मंत्रालय ने कॉमन सर्विस सेंटर योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का संचालन मंत्रालय द्वारा स्थापित कंपनी करती है।
सर्विस सेंटरों को कंपनी ने सीधे चलाने के बजाय पीपीपी आधार पर आवंटित कर रखा है। इन सेंटरों पर हर तरह की केंद्र व राज्य सरकारों की योजनाओं की सूचना, आवेदन आदि के साथ ही बिजली, टेलीफोन, हाउस टैक्स आदि भी जमा किया जा सकता है।
सभी सेंटर ऑनलाइन सरकारी योजनाओं से जुड़े हुए हैं। अब इन कॉमन सर्विस सेंटरों से निर्वाचन आयोग भी जुड़ने जा रहा है।
उप निर्वाचन आयुक्त आलोक शुक्ला ने बताया कि सीएससी से समझौता हो चुका है। इन सेंटरों पर ग्रामीण मतदाता अपने घरों के पास ही वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, नाम में संशोधन आदि के लिए आवेदन कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि कुछ समय बाद इन सेंटरों पर मतदाता पहचान पत्र बनाने का काम भी शुरू किया जाएगा। मतदाता को केवल वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए जरूरी आवास परिचय पत्र दिखाना होगा।
निर्वाचन आयोग के अनुसार हर साल मतदाता सूची में बड़ी संख्या में फेरबदल होता रहता है क्योंकि 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले नए मतदाताओं के नाम जोड़ने पड़ते हैं, वहीं मृत्यु या गांव से बाहर जाने वालों का नाम सूची से हटाना भी पड़ता है।
अभी इसके लिए सरकारी दफ्तरों में कई बार चक्कर लगाना पड़ता है। इन झंझटों से बचने के लिए लोग मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से ही बचते हैं। इसी को अब आसान बनाने के लिए चुनाव आयोग इन कॉल सेंटरों का सहारा लेने जा रहा है।