उत्तराखंड में 15,000 लोगों को एक दिन में बचाने के दावे ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर हीरो बना दिया था। हालांकि, बाद में भाजपा ने साफ किया कि यह प्रचार उसकी तरफ से नहीं किया गया।
अब खबर आ रही है कि जिस कंपनी ने मीडिया तक यह बात पहुंचाई, अब वह खुद मोदी से किनारा कर रही है।
दिग्गज अमेरिकी लॉबिंग कंपनी एप्को वर्ल्डवाइड ने इस बात से साफ इनकार किया है कि वह मोदी के लिए काम करती है। कंपनी का कहना है कि उसका करार वाइब्रेंट गुजरात समिट के प्रचार के लिए गुजरात सरकार के साथ था और यह 31 मार्च, 2013 को खत्म हो चुका है।
एप्को ने कहा, 'फिलहाल हम गुजरात सरकार के साथ कोई कामकाजी ताल्लुकात नहीं रखते।' खबरें आई थीं कि मीडिया तक यह खबर एप्को ने पहुंचाई थी कि मोदी ने उत्तराखंड में फंसे 15,000 गुजरातियों बचाने में व्यक्तिगत रूप से भूमिका निभाई।
लेकिन अब कंपनी ने एक बयान में कहा, 'एप्को राहत कोशिशों से जुड़ी किसी मीडिया गतिविधि में शामिल नहीं है।' कंपनी ने पहले भी कहा था कि वह मुख्यमंत्री मोदी के लिए काम नहीं करती और न उनके बारे में बात करती है।
एप्को के एक एग्जिक्यूटिव ने पहचान जाहिर न करने की शर्त पर बताया कि कंपनी कई राज्य सरकारों के साथ बढ़िया रिश्ते रखती है, जिनमें कांग्रेस और भाजपा, दोनों सरकारें शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'बड़े अनुबंधों के लिए हम कई राज्य सरकारों के साथ बातचीत कर रहे हैं।'