कोलेजियम सिस्टम पर सरकार द्वारा तीखे हमले के बीच सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) भी जजों की नियुक्तियों में गलती कर सकता है।
न्यायमूर्ति जे एस खेहड़ की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने पाया कि चूंकि एनजेएसी उपलब्ध जानकारी के आधार पर ही जजों को नियुक्त करेगा।
ऐसे में तो किसी से भी गलती हो सकती है। पीठ ने कहा कि सवाल यह नहीं है कि कौन जजों का चयन करता है। चाहे वह कोलेजियम हो या एनजेएसी या और कोई। उपलब्ध तथ्यों या जानकारी के आधार पर चयन होने पर किसी से भी गलती हो सकती है।
पीठ ने कहा कि सरकार द्वारा यह दोष मढ़ने की कोशिश की जा रही है कि एक फैसले के तहत शीर्ष अदालत ने जजों की नियुक्ति में राष्ट्रपति की शक्ति खत्म कर दी।
पीठ ने कहा कि अगर इस बात को लेकर कोलेजियम की आलोचना हो तो यह बात एनजेएसी पर भी लागू होती है। एनजेएसी में राष्ट्रपति की शक्ति तक को पूरी तरह सीमित कर दिया गया है। वहीं सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने कहा कि कोलेजियम असफल था।