राजनीति में ऐसे दृश्य कम ही देखने को मिलते है। मंच पर सोनिया गांधी थीं तो नीचे अतिथियों की अग्रिम पंक्ति में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, वामपंथी दिग्गज प्रकाश करात, जदयू अध्यक्ष शरद यादव, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा जैसे नेता एक साथ बैठे उनका संबोधन सुन रहे थे।
पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के बहाने सोमवार को गैर भाजपाई दल कांग्रेस की छतरी के नीचे इकट्ठा हो गए। मौका था कांग्रेस की ओर से नेहरू की 125वीं जयंती पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का।
मगर कुछ बड़े नेताओं ने पार्टी प्रतिनिधियों को भेजकर सम्मेलन से दूरी भी बनाई। एनसीपी प्रमुख शरद पवार, जदयू नेता नीतीश कुमार, राजद प्रमुख लालू यादव, सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती सम्मेलन में नहीं आए।
फिर भी जितने नेता आए कांग्रेस इसे गैर भाजपाई दलों को एकजुट करने के लिए एक अच्छी शुरुआत मान रही है। खासकर संसद के शीतकालीन सत्र से ठीक पहले दिखी इस एकजुटता को पार्टी आगे ले जाने की सोचने लगी है।