लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष राम विलास पासवान के बेटे चिराग पासवान ने बॉलीवुड छोड़ अब राजनीति का रुख कर लिया है।
वह अब सक्रिय राजनीति में अपनी किस्मत आजमाएंगे। पार्टी ने चिराग को केंद्रीय संसदीय बोर्ड में शामिल कर लिया है।
पार्टी अध्यक्ष रामविलास पासवान ने मंगलवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि चिराग को केंद्रीय संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
उन्होंने बताया कि पार्टी अध्यक्ष को संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष की नियुक्ति का अधिकार है। इसके बावजूद उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों और पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्षों की बैठक बुलाई।
बैठक में सभी लोगों ने चिराग को नई जिम्मेदारी सौंपने की मांग की और उन पर दबाव बनाया। इसके बाद उन्होंने चिराग को नई जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया।
पासवान ने बताया कि इसी माह के अंत तक केंद्रीय संसदीय बोर्ड का गठन कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में लोजपा धर्मनिरपेक्ष शक्तियों को एकजुट कर चुनाव लड़ने के पक्ष में है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में अपनी अस्वस्थता के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री पासवान ने अपने पुत्र चिराग को सक्रिय किया है।
चिराग पासवान बिहार में पार्टी के आयोजनों में तो पूरी सक्रियता के साथ शामिल तो हो ही रहे थे। अब केंद्रीय संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष बनाए जाने पर उनकी जिम्मेदारी बढ़ गई है। बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष चिराग ने कहा कि उनकी प्राथमिकता अब राजनीति है, फिल्म नहीं।
‘मिले न मिले हम’ फिल्म में नायक की भूमिका निभा चुके चिराग ने कहा कि वह बिहार की खोई हुई प्रतिष्ठा को वापस दिलाने के लिए राजनीति में आए हैं।