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हॉस्टल में एक और लड़की हुई गर्भवती

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ओडिशा में पिछले दो महीनों के दौरान नाबालिग स्कूली छात्रा के गर्भवती होने की तीसरी घटना सामने आई है। सरकारी हॉस्टल में रहने वाली 15 वर्षीय आदिवासी छात्रा के गर्भवती होने की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने हॉस्टल सुप्रिंटेडेंट को निलंबित कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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आदिवासी बहुल मलकानगिरी जिले के जिला अधिकारी प्रशांत रेड्डी ने बताया कि आदिवासी छात्रा स्कूल और जनशिक्षा विभाग द्वारा संचालित गवर्नमेंट हाईस्कूल में नौवीं की छात्रा है और पेडाकोंडा गांव में बने एक सरकारी हॉस्टल में रहती है। हॉस्टल राज्य सरकार का अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास विभाग चलाता है।

उन्होंने कहा कि मामले के सामने आने के बाद हॉस्टल सुप्रिंटेडेंट सबिता रानी सरकार को निलंबित कर दिया गया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले में स्कूल के हेडमास्टर प्रशांत कुमार पांडा के खिलाफ लापरवाही बरतने के आरोप में विभागीय कार्यवाई के आदेश दिए गए हैं।
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पुलिस सूत्रों का कहना है कि लड़की छुट्टियों में अपने घर गई थी वहां किसी लड़के के साथ उसके संबंध बन गए। पुलिस लड़के से पूछताछ कर रही है। पिछले दो महीनों के दौरान कोरापुट में तीन और कंधमाल जिले में एक नाबालिग छात्रा के गर्भवती होने का मामला सामने आया था।
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मंत्री ने किया पीड़ित लड़कियों के नाम खुलासा

मामले में ओडिशा सरकार के एक मंत्री की गलती पर हंगामा भी मचा हुआ है। ओडिशा के जनजाति विकास मंत्री लाल बिहारी हिमिरिका ने शुक्रवार को विधानसभा में राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न हॉस्टलों में यौन हमलों की ‌शिकार हुई 17 लड़कियों के नामों का खुलासा कर दिया था। उन्होंने स्कूलों में दुष्कर्म का शिकार हुईं पांच लड़कियों के नामों को भी जाहिर कर दिया।

मंत्री की लापरवाही पर भड़की भाजपा ने मामले में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा है। राज्य भाजपा इकाई के अध्यक्ष केवी स‌िंह देव ने कहा है कि उनकी पार्टी लाल बिहारी हिमिरिका को पद से हटाने की मांग विधानसभा में उठाएगी।

मंत्री विधानसभा में पीड़ित लड़कियों का नाम तो बताया ही था, उन्होंने अपने जवाब के साथ जो संलग्नक जोड़ा ‌था उसमें उन लड़कियों के नाम भी थे, जो सरकारी स्कूलों में गालीगलौज का शिकार हुईं, जिनसे भोजना पकवाया गया और जो शारीरिक और मानसिक शोषण दोनों का शिकार हुईं।
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