विवादित भूमि अधिग्रहण अध्यादेश में बदलाव की मांग करते हुए समाजसेवी अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।
हजारे ने पत्र में लिखा है कि किसानों के हितों की रक्षा करने के वादे के बावजूद सरकार ने दुबारा भूमि अधिग्रहण अध्यादेश जारी कर दिया। सरकार कह रही है कि अध्यादेश किसानों के हित में है, लेकिन तीन अप्रैल को जारी नए अध्यादेश में भी वादे के मुताबिक कोई संशोधन नहीं किया गया।
उन्होंने आगे लिखा है कि किसानों की जमीन निजी संगठनों और उद्योगों के हाथ में देना उनके अधिकारों का उल्लंघन है। अगर यह अध्यादेश कानून बन जाता है तो किसानों की कई पीढ़ियां तबाह हो जाएंगी।
इससे पहले अन्ना ने इसी मसले पर 31 मार्च को पीएम को पत्र लिखा था।