एक वक्त था जब लोकपाल के मुद्दे पर अन्ना हजारे दिल्ली के रामलीला मैदान से हुंकार भर रहे थे और कांग्रेस समेत सरकार के सभी लोग परेशान थे।
लेकिन अब मौसम बदल चुका है। अरविंद केजरीवाल से अलग राह पकड़ने के बाद अनशन कर रहे अन्ना हजारे के रुख में नरमी आई है और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी उन्हें खूब इज्जत दे रहे हैं।
हालांकि, इसे लेकर विरोधियों का कहना है कि अन्ना और कांग्रेस के बीच पहले ही डील हो चुकी थी। इन दोनों के बीच हाल में पत्राचार हुआ, जिससे साफ होता है कि दोनों पक्षों के बीच अब पुरानी खटास खत्म हो चुकी है। पढ़िए अन्ना और राहुल के पत्रों का मजमून।
राहुल के नाम अन्ना का पत्र
श्री राहुल गांधी,
संसद में लोकपाल एवं लोकायुक्त बिल पारित करने की आपकी प्रतिबद्धता का मैं स्वागत करता हूं। मेरा आग्रह है कि सेलेक्ट कमेटी द्वारा सूचित एंव अनुमोदित बिंदुओं को बिल में शामिल किया जाए। इन बिंदुओं को सेलेक्ट कमेटी में शामिल दलों ने सर्वसम्मति से तय किया है।
यदि इसके अलावा भी कोई अधिक कारगर बिंदु इसमें शामिल करके कानून को और भी सक्षम बनाने का प्रयास संसद करेगी, तो वह आम जनता के हित में होगा।
देश की जनता सक्षम लोकपाल की प्रतीक्षा में है।
भवदीय
अन्ना हजारे
इसके जवाब में राहुल गांधी ने अन्ना हजारे को पत्र लिखा, जिसमें उन्हें धन्यवाद दिया और मजबूत लोकपाल के लिए प्रयास करने की बात कही।
प्रिय श्री अन्ना हजारे जी,
आपके 15 दिसंबर 2013 के पत्र के लिए धन्यवाद। आपके पत्र से मुझे बहुत प्रोत्साहन मिला है।
हम सब देश के लोगों को एक यथासंभव मजबूत और सक्षम लोकपाल व्यवस्था प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस कार्य में हम आपकी भूमिका का आदर करते हैं और आपके समर्थन के बहुत आभारी हैं। सधन्यवाद।
भवदीय
राहुल गांधी