अन्ना हजारे ने अब देश के किसानों के हित में आवाज बुलंद करने का फैसला किया है। अन्ना ने कहा कि वह देश भर की यात्रा करेंगे और किसानों की समस्याओं को सरकार के सामने रखेंगे।
टीम अन्ना के सदस्य अखिल गोगोई की कृषक मुक्ति संग्राम समिति द्वारा आयोजित एक रैली के दौरान उन्होंने कहा, ‘चुनाव नजदीक आ रहे हैं। मैं जंतर-मंतर पर बैठकर सरकार से कहूंगा कि या तो वह किसानों की समस्याएं सुलझाएं या फिर घर लौट जाएं।’
हालांकि उन्होंने जंतर-मंतर पर अपने धरने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई। अन्ना ने कहा कि भारत में विदेशी निवेश होने से किसानों का भला नहीं होने वाला है। उन्होंने रिटेल सेक्टर में भी एफडीआई का भी विरोध किया।
हजारे ने कहा, ‘किसानों के वेलफेयर और विकास के लिए अभी तक पॉलिसी और कानून नहीं बनाए गए हैं। ऐसा लगता है कि हम अभी भी गुलाम हैं। इसलिए हमें फिर से आजादी की लड़ाई लड़नी होगी।
लोगों को बड़ी से बड़ी संख्या में जेल जाने के लिए तैयार रहना चाहिए।’ उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वह सब एकजुट होकर सरकार पर अपने हित में पॉलिसी और कानून बनाने का दबाव डालें।