सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने जनलोकपाल को लेकर आंदोलन तेज करने की मुहिम शुरू कर दी है। उन्होंने रविवार को यहां साफ कर दिया कि यदि 2014 तक मजबूत जन लोकपाल कानून नहीं बनाया गया तो वह अनशन नहीं करने का अपना प्रण त्याग देंगे। हजारे ने जरूरत पड़ने पर फिर से रामलीला मैदान में अनशन करने की बात भी कही।
दक्षिण दिल्ली में अपने नए कार्यालय का उद्घाटन करते हुए उन्होंने अरविंद केजरीवाल का नाम लिए बिना कहा कि हमारी टीम बंट गई, लेकिन दोनों ही रास्ते जरूरी हैं। मेरा मानना है कि राजनीति हमारा रास्ता नहीं है, लेकिन हम दुश्मन नहीं हैं।
भ्रष्टाचार मुक्त भारत और जनलोकपाल बिल, राइट टू रिजेक्ट और ग्रामसभा को मजबूत करने के लिए जंग जारी रहेगी। पूरे बदलाव के लिए 20 से 25 साल लगेंगे और हमें उसके लिए तैयार रहना चाहिए। अन्ना ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर विश्वासघात करने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा कि हमें बताया गया था कि हमारी मांगों को लोकपाल बिल में शामिल कर लिया गया है। यदि मालूम होता कि प्रधानमंत्री अपने वादे से मुकर जाएंगे तो मैं कभी अनशन नहीं तोड़ता। समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में अच्छे नेताओं की कमी नहीं है, लेकिन ये लोग कोयला और टूजी आवंटन घोटाले में संलिप्त हैं। यदि देश को बदलना है तो गांवों में परिवर्तन लाना होगा। देश को अच्छे नेतृत्व की जरूरत है, महज बातों से कुछ नहीं होगा।
अन्ना को किसी गैर राजनीतिक व्यक्ति का मकान किराए पर लेना चाहिए था। इस मकान का मालिक एक कांग्रेसी कार्यकर्ता है और वह पिछले निगम चुनाव में पार्षद के चुनाव के लिए टिकट पाने की कोशिश कर चुका है।
-पायल अग्रवाल, आरडब्लूए की उपाध्यक्ष, सर्वोदय एंकलेव
मैंने अपना मकान टीम अन्ना को दिया है। मैं इसे किसी को भी किराए पर दे सकता हूं, जिसे इसकी जरूरत हो। मैं किसी भी राजनीतिक पार्टी का सदस्य नहीं हूं।
-महेश शर्मा, सर्वोदय एंकलेव स्थित बी-18 के मकान मालिक
50 हजार है अन्ना के कार्यालय का किराया
अन्ना हजारे ने रविवार को दक्षिण दिल्ली के बी-18, सर्वोदय एंकलेव में अपने नए कार्यालय का उद्घाटन किया। ऑफिस का मासिक किराया 50 हजार रुपये है।
इस मौके पर नई टीम अन्ना के सदस्य और समर्थक मौजूद थे। अन्ना के कुछ स्वयंसेवकों ने इस कार्यालय को किराए पर लेने पर नाराजगी भी जताई।
उनका मानना है कि यह मकान कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता महेश शर्मा का है साथ ही सार्वजनिक परिवहन साधनों से भी दूर है। हालांकि टीम अन्ना ने कांग्रेस कार्यकर्ता वाली बात को तर्कहीन बताकर खारिज कर दिया।