समाजसेवी अन्ना हजारे सोमवार को नए संगठन की घोषणा कर सकते हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने अभियान को तेज करने के लिए दिल्ली में अन्ना ने पिछले दिनों भविष्य की रुपरेखा तय करने के लिए अपने समर्थकों के साथ मुलाकात की। माना जा रहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रखने के लिए संगठन में नए लोगों को शामिल किया जा सकता है।
इधर अन्ना से मुलाकात के बाद अरविंद केजरीवाल ने साफ किया है कि वे हर फैसले में अन्ना के साथ हैं। उन्होंने कहा कि हमारे बीच कोई झगड़ा नहीं हुआ है। फिलहाल कोई राजनीतिक पार्टी का ऐलान नहीं किया जाएगा। अन्ना और हमारे बीच कोई दरार नहीं है। मैं राजनीतिक आरोपों का निशाना बन रहा हूं।
इससे पहले समाजसेवी अन्ना हजारे ने अपने आंदोलन से अलग हुए अरविंद केजरीवाल गुट पर चोट करने का सिलसिला रविवार को भी बरकरार रखा। अन्ना ने कहा कि राजनीति का रास्ता कीचड़ भरा है। उन्होंने यह भी कहा कि केजरीवाल गुट ने राजनीतिक विकल्प को लेकर उनकी ओर से उठाए गए बुनियादी सवालों के जवाब नहीं दिए थे।
अन्ना हजारे ने कहा कि मुझसे जब कहा गया था कि अब राजनीतिक विकल्प देने का समय आ गया है तो मैंने कहा था कि विचार तो अच्छा है लेकिन मैंने पांच-छह सवाल पूछे जिनका उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। अन्ना उन सवालों का जिक्र कर रहे थे, जिनमें उन्होंने राजनीतिक पार्टी बनाने के पक्षधर अपने समर्थकों से पूछा था कि इसके लिए पैसा कहां से आएगा, उम्मीदवार कैसे चुने जाएंगे और नई पार्टी के पदाधिकारी कौन होंगे।
अन्ना ने कहा कि राजनीति का रास्ता पवित्र नहीं है। यह कीचड़ भरा है। लेकिन आंदोलन का रास्ता पवित्र है। उन्होंने कहा कि राजनीति की ओर जाना सही दिशा में उठाया गया कदम नहीं है। अगर राजनीति ने भला किया होता तो सोने की चिड़िया कहलाने वाला हमारा देश कैसे गिरवी रखा जाता।
अन्ना ने कहा कि अगर मुझे राजनीति में आना होता तो कब का आ गया होता। मैंने तो कभी पंचायत का भी चुनाव नहीं लड़ा। अन्ना ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए अपने ब्लॉग में लिखा था कि अंदरूनी राजनीति की वजह से ही टीम में फूट पड़ी, न कि सरकार की वजह से।