अपने ऐलान के मुताबिक केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से दिया। उन्होंने बृहस्पतिवार को कहा था कि अगर जनलोकपाल बिल सदन में पेश नहीं हो पाया तो वह पद छोड़ देंगे।
समाजसेवी अन्ना हजारे ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
हजारे ने पत्रकारों को बताया कि केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में जनलोकपाल बिल पेश करने को लेकर कदम उठाया।
'लोकपाल का पारित होना सबसे अहम'
अन्ना ने कहा कि केजरीवाल को अन्य दलों का समर्थन नहीं मिला।
ऐसी स्थिति में जनलोकपाल बिल सदन में नहीं पेश हो पाया और केजरीवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
लेकिन इस घटनाक्रम के बीच हमें यह नहीं भूलनी चाहिए कि लोकपाल का पारित होना सबसे अहम है। यह लोकतंत्र की सेहत के लिए अच्छी बात है।
'प्राइम टाइम पर इस्तीफा'
हालांकि सोशल मीडिया पर केजरीवाल के इस्तीफे को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया आ रही है।
@राजदीप सरदेसाई: केजरीवाल ने प्राइम टाइम पर अपना इस्तीफा दिया। अब न्यूज चैनलों पर एंकर केजरीवाल को चर्चा करते दिखेंगे।
@प्रिया गुप्ता: अब किसी फिल्म निर्देशक को अरविंद केजरीवाल को फिल्म ऑफर करना चाहिए। केजरीवाल नौटंकी में माहिर हैं।
'केजरीवाल ने ध्वस्त किया उम्मीदों को'
@पियूष कुलश्रेष्ठ: केजरीवाल ने हमारी उम्मीदों को ध्वस्त किया है। पद से इस्तीफा देना कमजोर कदम है।
@जॉय: अरविंद केजरीवाल ने वह नहीं किया जो वे चाहते थे। बल्कि जो बीजेपी और कांग्रेस चाहती थी वही उन्होंने किया।
@निति सेंट्रल: केजरीवाल ने इस्तीफा देकर आसान रास्ता अपनाया है।