फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी लोकपाल पर अन्ना राजी, केजरीवाल हैरान

Sun, 15 Dec 2013 08:57 AM IST
एजेंसी/रालेगण सिद्धि
विज्ञापन
विज्ञापन
लोकपाल बिल के लिए पिछले पांच दिन से अनशन पर बैठे अन्ना हजारे ने सरकार की ओर से राज्यसभा में पेश संशोधित विधेयक पर सहमति जाहिर की है।
विज्ञापन


अन्ना ने कहा है कि इस बिल के कानून का रूप लेते ही वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे। जनलोकपाल की मांग कर रहे अन्ना का सरकार के लोकपाल बिल पर राजी होना बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि आप नेता अरविंद केजरीवाल उनसे सरकार के बिल पर राजी नहीं होने का आग्रह पहले ही कर चुके हैं।

अन्ना ने शनिवार को कहा कि जब यह बिल राज्यसभा में पास हो जाएगा, लोकसभा इसे मंजूरी दे देगी और राष्ट्रपति की मुहर इस पर लग जाएगी तब मैं अपना अनशन तोड़ दूंगा।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि वह इस संशोधित बिल का स्वागत करते हैं क्योंकि इसमें उनकी कई मांगें शामिल की गई हैं।

लोकपाल बिल को लेकर चौथी बार अनशन करने वाले अन्ना ने कहा कि वह कुछ और प्रावधान भी चाहते थे, लेकिन इस बिल में वह प्रावधान शामिल नहीं होने से वह निराश नहीं हैं क्योंकि वह जानते हैं कि वह अपनी बात संसद पर थोपने की कोशिश करेंगे तो यह गलत होगा।

संसद की अपनी एक गरिमा है। इसलिए यदि 2-3 मुद्दे छूट भी जाते हैं तो यह कोई मायने नहीं रखता। अन्ना ने बिल में तय की गई लोकपाल को चुने जाने की प्रक्रिया पर भी संतोष जाहिर किया गया।

उन्होंने प्रधानमंत्री और सीबीआई व सीवीसी को लोकपाल के दायरे में लाने को भी अच्छा कदम बताया। उन्होंने कहा कि हम पहले ही कहते रहे हैं कि सीबीआई को सरकार के नियंत्रण से मुक्त किया जाना चाहिए।

बिल राज्यों में लोकायुक्त नियुक्त करने की भी सिफारिश करता है। अब अगर राज्य लोकायुक्त नियुक्त नहीं करेंगे तो लोग सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

अन्ना ने कहा कि पहले एक बार लोकपाल कानून बन जाना चाहिए। संशोधन तो इसमें बाद में जरूरत के मुताबिक कभी भी किए जा सकते हैं।

अन्ना के फैसले से अरविंद हैरान
सरकारी लोकपाल पर अन्ना हजारे की हामी के बाद अरविंद केजरीवाल ने हैरानी जताई है। अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा कि मैं हैरान हूं कि अन्ना सरकार के इस 'जोकपाल' बिल पर कैसे राजी हो गए।
विज्ञापन


आगे अरविंद ने लिखा कि पता नहीं अन्ना को कौन सी ताकते हैं जो भ्रमित कर रही हैं। मैं अन्ना के इस फैसले से दुखी हूं। चाहे अन्ना का कोई भी फैसला हो, मैं जनलोकपाल के लिए आखिरी सांस तक लडूंगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें