नेताजी सुभाषचंद्र बोस के बाद अब पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की मौत से जुड़ी फाइल को भी सार्वजनिक करने की मांग उठ गई है।
खुद लाल बहादुर शास्त्री के बेटे अनिल शास्त्री ने सीधे मोदी से अपील की है कि वे लालबहादुर शास्त्री की संदेहास्पद परिस्थरतियों में हुई मौत से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करें। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री की मौत की जांच के लिए एक कमेटी बनाए जाने की भी मांग की है।
शास्त्री ने यह मांग की है कि उनके पिता के निधन की जांच कराई जाए। उन्होंने कहा है कि कई लोगों का ऐसा मानना है कि शास्त्री जी की मौत स्वाभाविक नहीं थी। उनका चेहरा नीला पड़ गया था और उनकी डायरी भी नहीं मिली थी। शास्त्री की इस मांग को लेकर कांग्रेस असहज पड़ गई है।
नेताजी की पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से जासूसी करवाने के आरोप को कांग्रेस पहले ही झेल रही है। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने अनिल शास्त्री की इस मांग की निंदा करते हुए इसे ब्लैकमेलिंग करार दिया। शास्त्री कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। वे कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य भी हैं।
अनिल शास्त्री ने भारतीय दूतावास पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ताशकंद में वे जिस कमरे में थे। वहां ना कोई बेल था और ना ही टेलीफोन। उन्हें प्राथमिक उपचार तक नहीं दिया गया था।