अलग राज्य तेलंगाना के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों के बीच तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव के एक बयान ने विवाद को और बढ़ा दिया है।
चंद्रशेखर ने कहा कि सभी कर्मचारी जो आंध्र ओर रायलसीमा में जन्मे हैं लेकिन हैदराबाद में काम कर रहे हैं उन्हें अलग तेलंगाना बनने के बाद वहां से जाना होगा। इस बयान को तेलुगूदेशम पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों ने भड़काऊ कहा है।
राव शुक्रवार को तेलंगाना भवन में तेलंगाना कर्मचारी संघ को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि आंध्र में भी सरकार चलनी चाहिए। उस क्षेत्र के कर्मचारियों को उनकी सरकार के साथ काम करना होगा और हमारे तेलंगाना कर्मचारी हमारी सरकार में काम करेंगे।
उन्होंने कहा कि आंध्र के कर्मचारियों को वापस जाना होगा। उनके पास कोई विकल्प नहीं। आगे कहा कि हम नहीं कह रहे हैं कि अभी भागो लेकिन जिन्होंने हमारी नौकरियों पर गलत तरीके से कब्जा किया है उन्हें जाना चाहिए।
इस बयान पर तेलुगूदेशम पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों ने नाराजगी जाहिर की है। तेदेपा के सांसद नमा नागेश्वर राव ने कहा है कि तेलंगाना टीआरएस प्रमुख की जागीर नहीं है।
सचिवालय में काम करने वाले सीमांध्र के कई लोगों ने इसे तेलंगाना के लोगों को सीमांध्र के लोगों के खिलाफ भड़काने वाला बताया ताकि तेलगांना बिल पास होने तक सीमांध्र के लोग चले जाएं।
एक कर्मचारी के अनुसार कि यह बयान हमें डराने और परेशान करने के लिए है। लोगों ने अभी से ही 'हम' और 'तुम' का फर्क करना शुरू कर दिया है।