भारत की खुफिया जानकारी हासिल करने के लिए अब पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां भारतीय जवानों को हनीट्रैप में फंसा रही हैं। इस बात का खुलासा एयरफोर्स के जवान की गिरफ्तारी के बाद हुआ। बताते चलें कि भटिंडा एयरफोर्स स्टेशन पर 24 वर्षीय रंजीत केके को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है, जिसके बाद उसे बर्खास्त भी कर दिया गया है।
रंजीत कई साल से सोशल मीडिया पर दामिनी मैकनॉट नाम की महिला के साथ संपर्क में था जो खुद को ब्रिटेन की एक पत्रिका में काम करने वाली बताती थी।
दामिनी ने पत्रिका में प्रकाशित करने का हवाला देकर रंजीत से एयरफोर्स की कई सूचनाएं हासिल की थी, जिसके बदले रंजीत के खाते में एक बार 25 हजार और एक बार 5 हजार रुपए भी भिजवाए थे। रंजीत वो पांचवां शख्स है जिसकी गिरफ्तारी आईएसआई के जासूसी रैकेट में हुई है। इससे पहले इस मामले एक पूर्व सैनिक और बीएसएफ के जवान की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
रंजीत ने दी कई अहम जानकारियां
आईएसआई ने सोशल मीडिया पर जब रंजीत की फोटो देखी तो उसे अपने हनीट्रैप में फंसाने का जाल बिछाना शुरू कर दिया। इसके लिए सबसे पहले एक महिला का फेसबुसक एकाउंट बनाया गया और फिर उस पर प्रोफाइल फोटो के लिए एक खूबसूरत महिला का फोटो भी लगाया गया। फिर रंजीत को रिक्वेस्ट भेजकर उसे इसमें फंसाना शुरू कर दिया गया।
रंजीत ने दामिनी को कई खास जानकारियां बता दी थी। उसने रंजीत को बताया था कि उसकी पत्रिका में सेना से जुड़ी हुई खबरें प्रकाशित की जाती हैं। दामिनी ने रंजीत से एयरफोर्स के एयरक्राफ्ट की मूवमेंट के साथ-साथ यह भी पूछा कि अगला एयरशो कहां हो रहा है और उसमें कौन-कौन सी कंपनियां भाग ले रही हैं।
रंजीत ने दामिनी को यह जानकारी भी उपलब्ध करा दी कि कौन सी यूनिट कहां तैनात है और हाल फिलहाल में एयरफोर्स ने क्या क्या किया है। हालांकि, रंजीत द्वारा इतनी सारी बाते बताई जाने और पैसों के लेन-देन के बावजूद वो उससे एक बार भी नहीं मिला।
इस मामले में पुलिस का कहना है कि लीडिंग एयरक्राफ्टमैंन होने की वजह से और लंबे समय से एयरफोर्स में हुई तैनाती के कारण रंजीत को एयरफोर्स की काफी जानकारी थी, इसी का फायदा उठाकर, आईएसआई ने उसे अपने जाल में फंसा लिया। पुलिस को रंजीत की मोबाइल से वीओआईपी कॉल की डिटेल भी मिली है।
पहले भी हो चुका है गिरफ्तार
गौरतलब है कि पंजाब के भटिंडा में तैनात रहा एयरफोर्स कर्मी रंजीत पाकिस्तानी
खुफिया एजेंसी को सूचनाएं देने के शक में दो माह पहले भी पकड़ा गया था।
सूत्रों के अनुसार इस मामले में दिल्ली पुलिस को दो माह पहले सूचना मिली थी कि वायु सैनिक
रंजीत एक महिला के माध्यम से सेना की जुड़ी सूचनाएं पाकिस्तानी खुफिया
एजेंसी को दे रहा था।
इसी शक में दिल्ली पुलिस ने पूछताछ के लिए
रंजीत को हिरासत में लिया था, लेकिन सबूत मजबूत होने के कारण उसे छोड़ना
पड़ा था। उसके बाद से ही रंजीत पर दिल्ली पुलिस व एयरफोर्स अधिकारियों की
नजर थी।