मदरसों में समलैंगिकता नियंत्रण से बाहर हो चुकी है। मौलाना ऐसे कृत्यों में संलिप्त हैं। हम लोग मदरसों को हटा देना चाहते हैं। एएमयू के एक प्रोफेसर वॉट्सएप पर यह टिप्पणी कर विवादों में फंस गए हैं।
मदरसों को कठघरे में खड़ा करने वाले प्रोफेसर के विरोध में छात्र नेता उतर आए हैं। इसकी शिकायत कुलपति जमीरउद्दीन शाह से कर तत्काल कार्रवाई का दबाव बनाया जा रहा है।
एएमयू इतिहास विभाग के प्रो. वसीम रजा द्वारा वॉट्सएप के एक ग्रुप पर टिप्पणी के बाद कैंपस में खलबली मच गई है। यह टिप्पणी उन्होंने मंगलवार दोपहर को की। उसी समय से उनका विरोध भी शुरू हो गया है।