लोकसभा चुनाव में भाजपा को टक्कर का मुकाबला देने के लिए कांग्रेस अपने कई दिग्गजों को चुनावी मैदान में उतारने के लिए पूरा जोर लगा रही है। मगर दिग्गज हैं कि मैदान में उतरने के लिए तैयार ही नहीं हो रहे।
पंजाब में अमृतसर से अरुण जेटली के खिलाफ अमरिंदर सिंह को पार्टी चुनाव लड़ाने की कोशिश में है। मगर कैप्टन इससे किनारा करने की कोशिश कर रहे हैं।
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री नमो नारायण मीणा भी राजस्थान से चुनाव लड़ने से पीछे हट रहे हैं तो ओडिशा में उम्मीदवारी का ऐलान होने के बावजूद श्रीकांत जेना अपनी सीट बदलने के लिए हाईकमान पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने हाईकमान को कहा है कि अगर उनकी सीट नहीं बदली जाएगी तो वह चुनाव नहीं लड़ेंगे।
शकील अहमद को सौंपी जिम्मेदारी
पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि दिग्गजों का चुनाव नहीं लड़ने के पीछे सबसे बड़ी वजह भाजपा का यूपीए सरकार के खिलाफ ताबड़तोड़ प्रचार है।
जो कि देशभर में कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाने में सबसे अहम भूमिका निभा रहा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह को कांग्रेस हाईकमान अरुण जेटली के खिलाफ लड़ने के लिए कह रहा है।
मगर वह इसके लिए तैयार नहीं माने जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि वह भी चुनाव नहीं लड़ने के पक्ष में हैं। पंजाब के प्रभारी कांग्रेस महासचिव शकील अहमद ने उन्हें कई बार समझाने की कोशिश की है।
अजहर को भी लड़ाया चुनाव
फिलहाल उन्होंने इनकार कर दिया है। उधर, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री नमोनारायण मीणा भी चुनाव नहीं लड़ना चाहते। उनकी संसदीय सीट सवाई माधोपुर से मोहम्मद अजहरुद्दीन को उम्मीदवार बनाया गया है।
जबकि उनके भाई हरीशचंद्र मीणा भाजपा में शामिल हो गए हैं। उनके राजस्थान के दौसा से चुनाव लड़ने की बात है। ऐसे में मीणा ने भी चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है।
इसी तरह केंद्रीय राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्रीकांत जेना को ओडिशा के बालासोर से उम्मीदवार बनाया है। मगर वह सीट बदलने के लिए कांग्रेस हाईकमान पर दबाव बना रहे हैं।
कांग्रेस में भय
पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि कांग्रेस का प्रचार अभियान अभी भाजपा के अभियान का तोड़ नहीं ढूंढ़ पाई है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि जिस तरह से भाजपा ने महंगाई और भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस के खिलाफ प्रचार करना शुरू किया है।
उसे लेकर लोगों में सरकार को लेकर गुस्सा बढ़ रहा है। इसलिए चुनावी शिकस्त की आशंकाओं के कारण कई दिग्गज चुनाव लड़ने से कतरा रहे हैं।