सीबीआई ने 15 जून 2013 को अमिताभ बच्चन का बयान दर्ज किया था। इंदिरा गांधी की हत्या के बाद अमिताभ तीन मूर्ति भवन में उनके पार्थिव शरीर के पास थे। उन्होंने अपने बयान में कहा था कि उन्हें याद नहीं कि टाइटलर वहां मौजूद थे या नहीं।
इस दौरान एक से तीन नवंबर 1984 के बीच तीन मूर्ति भवन में कांग्रेस नेता आरके धवन, गौतम कौल समेत कई सैकड़ों गणमान्य व्यक्ति आये थे। जगदीश को उन्होंने संजय गांधी के घर पर कई बार देखा था, क्योंकि वह उनके दोस्त थे।
सीबीआई ने कांग्रेस नेता आरके धवन का बयान 14 जून 2013 को दर्ज किया था। वह तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के विशेष सहायक थे।
धवन ने अपने बयान में कहा कि 29 साल बाद उन्हें यह याद नहीं कि उस समय टाइटलर तीन मूर्ति भवन में मौजूद थे या नहीं। दिल्ली पुलिस के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने अपने बयान में कहा है कि वह युवा कांग्रेस के एक नेता थे और वह एक नवंबर 1984 को तीन मूर्ति भवन आए थे।