केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक से पहले दिल्ली में भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक खत्म हो गई है। इस बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के ‘भीष्म पितामह’ लालकृष्ण आडवाणी सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
दिल्ली में यह दूसरा मौका है जब कोप भवन से बाहर आने के बाद लालकृष्ण आडवाणी पार्टी की किसी बैठक में शामिल हुए।
अब आगामी विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने के लिए भाजपा की केंद्रीय चुनाव अभियान समिति की बैठक होगी।
भाजपा अभियान समिति की मदद के लिए तीन और कमेटियां चुनाव प्रबंधन समिति, प्रचार समिति और घोषणापत्र समिति भी गठित करन पर विचार कर रही है। बैठक में इन कमेटियों की घोषणा होगी।
ये कमेटियां मोदी की अध्यक्षता वाली समिति के तहत काम करेंगी। चुनाव अभियान समिति नीतिगत मामलों पर संसदीय बोर्ड के साथ चर्चा करके ही फैसले लेगी। जबकि रोजमर्रा के मामलों में समिति खुद फैसले कर सकेगी।
सूत्रों के अनुसार मोदी की टीम में उनके करीबी अमित शाह के साथ ही अनंत कुमार, मुख्तार अब्बास नकवी, राजीव प्रताप रूडी, थावरचंद गहलौत, संगठन मंत्री रामलाल, जेपी नड्डा, धर्मेद्र प्रधान, सुधांशु त्रिवेदी व रविशंकर प्रसाद को शामिल किया जा सकता है।
महिलाओं में से स्मृति ईरानी अथवा सरोज पांडेय में से किसी एक को जगह दी जा सकती है। ऐसे नेताओं को टीम में शामिल करने की योजना है जो लोकसभा चुनाव लड़ने की बजाए दूसरों को लड़ाने के लिए समय निकाल सकें।
बहरहाल, चुनाव अभियान को लेकर होने जा रही इस बैठक में भाजपा संसदीय बोर्ड के सदस्यों के साथ ही सभी महासचिव और चुनाव प्रबंधन समिति के चेयरमैन नकवी भी शामिल होंगे।
अभियान समिति के एजेंडा में मुख्यत: लोकसभा चुनाव की तैयारी है। इसमें चुनाव प्रबंधन, प्रचार और नेताओं के दौरों समेत चुनावी तैयारी पर चर्चा होगी।