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शाह बोले- 'अच्छे दिन आने में लगेंगे 25 साल'

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लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान 100 दिन के अंदर देश के हर व्यक्ति के बैंक खाते में 15-15 लाख रुपए आने की बात को चुनाव जीतने के बाद 'चुनावी जुमला' बताने वाले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने एक बार फिर ऐसा ही जुमला छोड़ा है।
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भोपाल में महाजनसंपर्क अभियान की क्षेत्रीय बैठक के दौरान अमित शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि देश में अच्छे दिन आने में अभी 25 साल लगेंगे। शाह ने कहा कि बड़े स्तर पर अगर देखें तो अच्छे दिन का मतलब भारत के उस वैश्विक गौरव को वापस लेकर लाना है जो ब्रिटिश राज से पहले इस देश का था।

अमित शाह पार्टी के महाजनसंपर्क अभियान की क्षेत्रीय बैठक में हिस्सा लेने सोमवार सुबह भोपाल पहुंचे। कुछ देर वीआईपी गेस्ट हाउस में बिताने के बाद वह सीधे मुख्यमंत्री आवास गए। करीब एक घंटा सीएम हाउस में रहे और शिवराज सिंह चौहान के साथ करीब 40 मिनट तक बैठक चली।
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'25 साल तक भाजपा को हर चुनाव जीतना होगा'

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि देश को दुनिया के सर्वोच्च स्थान पर बैठाना है तो पांच साल की सरकार कुछ नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार को अपने पहले पांच साल में महंगाई कम करनी है, देश की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है, एक मजबूत विदेश नीति बनानी है, आर्थिक विकास दर हासिल करनी है, गरीबी हटाते हुए देश के युवाओं को नौकरियां देनी हैं।

शाह ने कहा कि दुनिया में भारत को नंबर एक बनाने के लिए भाजपा को अगले 25 सालों तक देश के पंचायत चुनाव से लेकर लोकसभा तक, हर स्तर का चुनाव जीतना होगा।

वहीं, घोटालों को लेकर कांग्रेस का हमला झेल रहे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह की कुर्सी को फिलहाल कोई खतरा नहीं है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने जिस अंदाज में दोनों मुख्यमंत्रियों और उनके नेतृत्व वाली सरकार की प्रशंसा की उससे यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी अभी अपने प्रादेशिक क्षत्रपों को छेड़कर कोई जोखिम लेना नहीं चाहता। इस दौरान शाह व्यापम और नान (नागरिक आपूर्ति निगम) घोटालों पर मौन साधे रहे।

व्यापम एक छोटा घोटाला: विजयवर्गीय

भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने सोमवार को एक और बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया। पार्टी के महाजनसंपर्क अभियान के दौरान भाजपा महासचिव विजयवर्गीय ने पत्रकारों से कहा, ‘हमारे लिए व्यापम एक छोटा घोटाला है। यह आपके लिए बड़ा हो सकता है।’

भाजपा नवंबर में शिवराज के कार्यकाल के 10 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में स्वाभिमान यात्रा का कार्यक्रम बना रही है। उधर, शाह ने सबको चेताया भी कि सरकार वही अच्छी है जो अपनी हो। सरकार है तो आपको कलेक्टर और एसपी पूछते हैं। इशारों में उन्होंने समझाया, हमें अपनी कमजोरी घर में बतानी चाहिए। हमारा बच्चा कमजोर है तो यह बात बाहर नहीं करें।

संयुक्त निदेशक के नेतृत्व में भोपाल पहुंची सीबीआई
बहुचर्चित व्यापम घोटाला और इससे जुड़ी संदिग्ध परिस्थितियों में हुईं मौतों की जांच के लिए सीबीआई की टीम संयुक्त निदेशक आरपी अग्रवाल के नेतृत्व में सोमवार को यहां पहुंची। एसटीएफ के एआईजी राजेश सिंह चंदेल और कमल मौर्य ने सीबीआई दफ्तर जाकर केस की जानकारी दी। एसटीएफ और सीबीआई अधिकारियों के बीच करीब एक घंटे बातचीत चली।

सीबीआई टीम ने दस्तावेज इकट्ठा करने शुरू कर दिए हैं। यह टीम सीबीआई के संयुक्त निदेशक आरपी अग्रवाल के नेतृत्व में काम करेगी। असम-मेघालय कैडर के 1986 बैच के आईपीएस अफसर अग्रवाल राजस्थान के भंवरी देवी कांड के अलावा सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामले की भी जांच कर चुके हैं।

उन्होंने एमपी के मुरैना में कथित तौर पर रेत माफियाओं द्वारा मारे गए आईपीएस नरेंद्र कुमार की मौत के मामले की भी जांच की थी। उनकी टीम में 40 अफसर बताए जा रहे हैं। मीडिया के तमाम प्रश्नों के उत्तर में अग्रवाल ने इतना भर कहा कि वह देश को निराश नहीं करेंगे।
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'अमित जी आप ऐश करिए, जनता जाए भाड़ में'

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बयान पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर चुनाव के पहले भाजपा बता देती कि ये लोग अच्छे दिन 25 साल में लाएंगे, तो क्या लोग इन्हें वोट देते?

वहीं, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मामले पर ट्वीट किया, 'अच्छे दिन आने में 25 साल लगेंगे' अमित जी आपके अच्छे दिन तो आ गए, ऐश करिए सारे मुकदमों को समाप्त करा लीजिए। जनता जाए भाड़ में।'

कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर दिग्विजय ने कहा, 'कैलाश विजयवर्गीय, व्यापम छुटपुट घोटाला है कोई बड़ा मामला नहीं है। मंत्री जी इससे बड़ा घोटाला तो बताइए? जिसमें 2000 लोग गिरफ़्तार हुए हों, 600 अभी फरार हों, मंत्री-बड़े अधिकारी जेल में हों, राज्यपाल महोदय पर एफआइआर हो, वाह जी मंत्री जी। अभी आपकी जांच तो दबी हुई है। वह भी खुलेगी।'
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