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मोदी मामले में फंसी वसुंधरा से BJP ने खींचा हाथ

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पार्टी के दिग्गज नेताओं के आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी से करीबी संपर्कों के कारण बुरी तरह उलझी भाजपा वसुंधरा राजे के बचाव से हाथ खींचती नजर आ रही है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की ओर से ललित मोदी की मदद को मानवीय रंग देने वाली पार्टी और सरकार राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उनके बेटे दुष्यंत सिंह को लेकर बैकफुट पर है।
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सुषमा के समर्थन में मीडिया में आक्रामक रहे पार्टी के प्रवक्ता बुधवार को वसुंधरा का बचाव करने से कतराते रहे। पूरे विवाद पर बुधवार को वसुंधरा ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से फोन पर बात कर अपनी सफाई दी, लेकिन उन्हें शाह से मिलने का समय नहीं मिला।

दूसरी तरफ सरकार के वरिष्ठ मंत्री रविशंकर प्रसाद ने वसुंधरा और दुष्यंत के बारे में पूछे गए सवाल पर उनका बचाव करने के बजाय कहा कि विवाद को लेकर मुख्यमंत्री अपना स्पष्टीकरण देंगी। चौतरफा घिरी सरकार अब ललित मोदी से जुड़े मामलों की जांच में तेजी लाकर साख बचाने की कोशिश में जुटी है।
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वसुंधरा को पार्टी अध्यक्ष ने नहीं दिया मिलने का समय

सूत्रों के मुताबिक वसुंधरा अपना पक्ष रखने के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिलना चाहती थीं, लेकिन पार्टी नेतृत्व उन पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए दूरी बनाने लगा है।

उल्लेखनीय है कि नए खुलासे में कहा गया है कि वसुंधरा न केवल ललित मोदी की पत्नी को इलाज के लिए पुर्तगाल ले गई थीं, बल्कि आव्रजन मामले में मोदी के पक्ष में लंदन में बयान भी दिया था। इसके अलावा वसुंधरा के बेटे की कंपनी में मोदी के करोड़ों के निवेश का भी नया खुलासा हुआ है।

सूत्रों ने बताया कि संकेत साफ है कि पार्टी पूरे मामले में वसुंधरा और दुष्यंत से पल्ला झाड़ सकती है। उनका यह भी कहना था कि सुषमा के संदर्भ में पार्टी और सरकार के रुख में कोई परिवर्तन नहीं आया है। पार्टी और सरकार पहले की तरह सुषमा के पक्ष में खड़ी रहेगी।
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बैकफुट पर पार्टी

उल्लेखनीय है कि वसुंधरा पर ललित मोदी की पत्नी को इलाज के लिए दो बार पुर्तगाल ले जाने, आव्रजन मामले में नाम का खुलासा न करने की कड़ी शर्त के साथ मोदी के पक्ष में बयान देने के खुलासे से पार्टी असमंजस में है। रही-सही कसर वसुंधरा के बेटे की कंपनी में ललित मोदी के करोड़ों के निवेश संबंधी खुलासे ने निकाल दी है।

पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि इन आरोपों को सुषमा से जुड़े आरोपों की तरह ही मानवीय आधार पर मदद कहकर ठुकराया नहीं जा सकता। यही कारण है कि पार्टी के रणनीतिकार अब नए आरोपों पर पलटवार का रास्ता ढूंढने के लिए माथापच्ची कर रहे हैं। पार्टी का यह भी मानना है कि विवाद भड़कने के बाद ललित मोदी खुलासा दर खुलासा कर वसुंधरा से अपना पुराना हिसाब चुकता कर रहे हैं।

यह बात किसी से छिपी नहीं है कि कभी वसुंधरा और ललित मोदी के बीच पारिवारिक रिश्ते थे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक फिलहाल की रणनीति ललित मोदी से जुड़े मामलों में सख्त रुख अपना कर आपराधिक मामलों के प्रति किसी कीमत पर समझौता न करने का संदेश देने की है। इस क्रम में ललित मोदी के खिलाफ हर संभव कार्रवाई के लिए प्रवर्तन निदेशालय को हरी झंडी दे दी गई है।

मोदी का पासपोर्ट रद्द करने की तैयारी
पूरे विवाद में पीएम मोदी की साख बचाने में जुटी सरकार ललित मोदी का पासपोर्ट रद्द करने की तैयारी में है। सरकार मोदी के खिलाफ जल्द रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी कर सकती है। पूछताछ के लिए उन्हें भारत लाने का भी प्रयास किया जा सकता है।

ललित मोदी के साथ कोई रियायत नहीं बरतने का संकेत देने के लिए सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय को हर तरह की संभावना तलाशने का निर्देश दिया है। सरकार यह दिखाना चाहती है कि मोदी को दी गई मदद वाकई मानवीय आधार पर थी, जहां तक भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों का सवाल है तो वह इस मामले में कोई रियायत नहीं बरतना चाहती।
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