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अमित शाह ने प्रत्याशियों के वाहनों में क्यों लगवाया GPS?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी कैबिनेट के मंत्रियों के कामकाज पर नजर रखने के लिए नए-नए तरीके इस्तेमाल करने के लिए मशहूर हैं। उन्हीं के पद-चिन्हों पर चलते हुए भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने महाराष्ट्र में अपने प्रत्याशियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक नया तरीका अपनाया।
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उन्होंने महाराष्ट्र में अपने प्रत्याशियों के वाहनों में जीपीएस डिवाइस लगवाने का आदेश दिया है। ये डिवाइस ऐसे कई कार्यकर्ताओं के वाहनों में भी लगाए जाएंगे, जो बाहर के राज्यों से आकर महाराष्ट्र पार्टी का प्रचार कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि अमित शाह की देखरेख में ही भाजपा महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव लड़ रही है।

क्या मतलब है शाह के आदेश का

माना जा रहा है क‌ि पार्टी प्रत्याशियों के वाहनों में जीएपएस ‌डिवाइस लगवाकर शाह ये संकेत देना चा‌हते है कि उनकी सभी चीजों पर नजर है, प्रत्याशी और कार्यकर्ता प्रचार कार्यों में तनिक भी कोताही न बरतें।

भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि कई बार दूसरे राज्यों से आए कार्यकर्ता और नेता एक या दो दिन प्रचार करते हैं, फिर ‌ढीले पड़ जाते हैं। शाह नहीं चाहते की कार्यकर्ता यहां भी ऐसा ही रवैया अपनाएं।

उन्होंने कहा, 'अमित शाह का मकसद है कि प्रत्याशी और कार्यकर्ता लोगों से मिलें और आसपास के इलाकों में जाएं। वह होटल में न बैठें रहें।' उन्होंने बताया कि प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं के अलावा प्रभार‌ियों के वाहनों में भी जीपीस लगवाए जाएंगे।
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फैसले का विरोध भी, स्वागत भी

शाह के आदेश के बाद पार्टी के भीतर मिलाजुला रुख देखने को मिल रहा है। कई लोगों ने दबी आवाज में फैसले पर नाराजगी जताई है, जबकि कई ने इसका स्वागत किया ह‌ै।

भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि अब तक हमारे पास ऐसे लोग रहे हैं जो व‌िरोधियों की गतिविधियों पर नजर रखते रहे हैं, पहली बार ऐसा हो रहा कि कोई पार्टी अपने ही कार्यकर्ताओं पर नजर रख रही है।

वहीं, महाराष्ट्र में भाजपा के एक प्रत्याशी ने बताया कि जीएपएस लगाने का मकसद बस ये तय करना है कि वाहनों को दुरुपयोग न हो।
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