2002 के गुजरात दंगे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समन न जारी किए जाने के मसले पर एक अमेरिकी अदालत ने वहां की सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने अमेरिकी सरकार से पूछा है कि नरेंद्र मोदी को समन क्यों नहीं थमाया गया, जबकि गुजरात दंगों के मामले में उन पर गंभीर आरोप है। अदालत ने पूछा कि क्या यह महज राजनयिक छूट के कारण किया गया?
गौरतलब है कि प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर महीनें में अमेरिका की यात्रा की थी। यात्रा के चंद दिनों पहले ही गुजरात दंगों के मामले में उनके खिलाफ समन जारी किया था।
हालांकि अमेरिकी सरकार ने यह कहकर मोदी को समन देने से मना कर दिया था कि उन्हें राजनयिक छूट प्राप्त है। अदालत ने ये समन अमेरिका के एक गैर सरकारी संगठन अमेरिकन जस्टिस सेंटर (एजेसी) की याचिका पर जारी किया था।
American Justice Center (AJC) अमेरिकन जस्टिस सेंटर ने ही पिछले हफ्ते एक कोर्ट से मामले को आगे बढ़ाने की अपील की। कोर्ट को दिए न्यायिक ज्ञापन में उन्हें पूछा कि मोदी के खिलाफ समन दिए की तामील क्यों नहीं कराई गई। उन्होंने यह भी पूछा कि आखिर मानवाधिकार उल्लंघन जैसे संगीन मामले में आरोपी होने के बावजूद उन्हें राजनयिक छूट क्यों दी जा रही है?