गुरुवार को संसद का शीतकालीन सत्र संविधान पर चर्चा के साथ शुरू हुआ। बाबा भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती को मनाते हुए संसद में संविधान को लेकर चर्चा शुरू हुई।
दिवंगत लोकसभा सदस्यों को याद करने के बाद शुरू हुई इस बहस में सरकार की तरफ से राजनाथ सिंह ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने देश को छोड़ने की बात कभी नहीं की।
उन्होंने हमेशा ही देश जोड़ने वाली बात कही। हालांकि उनके साथ दुर्भाग्य से अपमानजनक बातें हुईं, तब भी वह भारत में ही रहे और उसे बेहतर बनाने की कोशिश की। ऐसा माना जा रहा है बातों ही बातों में उन्होंने आमिर के बयान का अपने तरीके से संकेतों में जवाब दिया।
इस बीच राजनाथ सिंह ने संविधान में प्रयोग किए गए सोशलिस्ट और सेकुलर शब्दों की जरूरत पर भी बात की। संविधान की मूल भावना में इन शब्दों को जगह देने को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच गर्मागर्म बहस भी हुई। गृहमंत्री राजनाथ सिंह के इन शब्दों के इस्तेमाल को लेकर बयान देने शुरु करते ही कांग्रेस की तरफ से हंगामा शुरू हो गया।