सार्वजनिक यातायात सेवा से जुड़ी पुरानी, खराब और बेड़े से निकाली जा चुकी बसें अब न केवल फिर से सड़कों पर दिखेगी, बल्कि इन बसों से पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।
दरअसल सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लैटिन अमेरिकी देशों के दौरे से वापस आने के बाद ऐसे बसों के इस्तेमाल का एक अनोखा प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव के तहत महज पांच लाख रुपये के खर्च पर ऐसे बसों को 15 साल तक बैटरी के माध्यम से चलाया जा सकेगा।
इस योजना की शुरुआत मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से होगी। बाद में इस योजना का लखनऊ, वाराणसी, पुणे जैसे देश के बड़े शहरों में विस्तार किया जाएगा। खासबात यह है कि इस परियोजना का प्रोजेक्ट रिपोर्ट गडकरी ने लैटिन अमेरिकी देशों के विशेषज्ञों से ही तैयार कराया है।
लैटिन अमेरिकी देशों के दौरे में बैटरी चालित बसों के सुखद अनुभव के बाद गडकरी ने तत्काल इस आशय का फैसला लिया था। अगर इस परियोजना ने आकार लिया तो न केवल राज्यों के सार्वजनिक परिवहन सेवा से जुड़े बसों के बेड़े में बढ़ोत्तरी होगी, बल्कि प्रदूषणरहित यातायात व्यवस्था शुरू करने की दिशा में यह एक अहम कदम साबित होगा।
महज पांच लाख के खर्च की उम्मीद
अमर उजाला से बातचीत में गडकरी ने अपनी इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले दिनों ब्राजील सहित लैटिन अमेरिकी अन्य देशों की यात्रा के दौरान उन्हें बैटरी चालित बसों में यात्रा करने का सुखद अनुभव प्राप्त हुआ।
गडकरी के मुताबिक इस दौरान उन्हें बताया गया कि महज थोड़े से खर्च से ही खटारा और बेकार बसों को बैटरी चालित बस का रूप दिया जा सकता है। खास बात यह है कि बैटरी चालित बसों में परिवर्तन के बाद ऐसी बसों से 15 साल तक सेवा ली जा सकती है।
उन्होंने बताया कि पूरी जानकारी हासिल करने के साथ ही उन्होंने स्थानीय विशेषज्ञों से डिटेल्ड रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा। जब जबकि डिटेल्ड रिपोर्ट आ गया है, तब जल्दी ही इस योजना की शुरुआत कर दी जाएगी।
गडकरी ने बताया कि सबसे पहले उनकी इच्छा इसे इंदौर में शुरू करने की है। इसके बाद इस योजना को देश के अन्य बड़े शहरों मसलन पुणे, लखनऊ, वाराणसी में लागू करने की है। गडकरी ने माना कि इस योजना के सफल संचालन से देश में यातायात व्यवस्था की तस्वीर बदली जा सकती है।
'जल्द दौड़ेंगे ई रिक्शा'
गडकरी ने इस दौरान ई रिक्शा केजल्द ही सड़क पर दौड़ना शुरू कर देने की उम्मीद जताई है। उन्होंने बताया कि ई रिक्शा चुकी रोजगार का बड़ा माध्यम है, इसलिए सरकार युद्घस्तर पर इससे संबंधित तकनीकी और कानूनी दिक्कतों को दूर करने में जुटी हुई है।
समुद्री रास्ते से है सामान सहित ट्रक ढोने की योजना
गडकरी अपने मंत्रालय में कई अभिनव प्रयोग के लिए जाने जाते हैं। इस प्रयोग के तहत गडकरी की इच्छा सड़क यातायात पर बोझ कम करने और इसे सस्ता बनाने की है।
फिलहाल उनका मंत्रालय दक्षिण के राज्यों से सामान लदे ट्रकों को जल मार्ग से गुजरात तक लाने की संभावनाओं पर गंभीर मंथन में जुटा है। उल्लेखनीय है कि अगर ऐसा हुआ तो न केवल माल कम समय में दूसरी जगह पहुंचेगा, बल्कि परिवहन लागत में भी करीब 30 फीसदी कमी आएगी।