इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में दायर एक याचिका पर प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से प्रस्तुत हलफनामे में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर लगाए गए आरोपों को गलत व बेबुनियाद बताया गया है। रॉबर्ट वाड्रा व डीएलएफ के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों के संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने यहां हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दायर की है। इस याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होनी है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के संयुक्त सचिव धीरज गुप्ता की तरफ से दाखिल किए गए हलफनामे में नूतन ठाकुर के प्रत्यावेदन पर विचार करने तथा उसकी जांच कराए जाने की जरूरत नहीं बताई गई है। हलफनामे में इस पूरे मामले को दो पक्षों के बीच व्यक्तिगत व्यावसायिक मामला बताया गया है।
शपथपत्र में यह भी कहा गया है कि इस मामले में संबंधित पक्षों ने सफाई दे दी है और इन परिस्थितियों से प्रतीत होता है कि लगाए गए आरोप गलत और बेबुनियाद हैं। शपथपत्र में नूतन की याचिका को बिना किसी आधार के मात्र मीडिया की खबरों पर आधारित तथा पब्लिसिटी हासिल करने का जरिया करार दिया गया है। नूतन के मुताबिक, शपथपत्र में इस पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है कि उनकी ओर से प्रधानमंत्री को भेजे गए प्रत्यावेदन पर अब तक क्या कार्रवाई की गई?