सिविल पुलिस में सब इंस्पेक्टर और पीएसी में प्लाटून कमांडर के 4010 पदों के लिए वर्ष 2011 में विज्ञापन जारी किया गया था। इसके लिए संयुक्त मुख्य लिखित परीक्षा 14 सितंबर 2014 को आयोजित की गई। लिखित परीक्षा का परिणाम 20 अक्तूबर 2014 को जारी किया गया।
मुख्य लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद असफल रह गए अभ्यर्थियों को पता चला कि कुछ अभ्यर्थी जिन्होंने व्हाइटनर या ब्लेड का प्रयोग ओएमआर सीट पर किया था उनको भी सफल अभ्यर्थियों की सूची में शामिल किया गया है। अभ्यर्थियों ने आरटीआई से सूचना मांगी तो पुलिस बोर्ड ने बताया कि व्हाइटनर प्रयोग करने वालों की कॉपियां नहीं जांची जाएंगी। इसके बावजूद 16 मार्च 2015 को जारी अंतिम परिणाम में व्हाइटनर लगाने वाले 810 अभ्यर्थियों को सफल घोषित कर दिया गया।
810 अभ्यर्थी सूची से बाहर हो जाएंगे
दरोगा भर्ती परीक्षा 2011 की मुख्य परीक्षा में व्हाइटनर या ब्लेड इस्तेमाल करने वाले अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। साथ ही पुलिस भर्ती बोर्ड को निर्देश दिया है कि ऐसे अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा की चयन सूची से बाहर कर संशोधित परिणाम छह सप्ताह में घोषित किया जाए। शुक्रवार को साकेत कुमार और अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति वीके बिरला ने यह आदेश सुनाया। अदालत के इस आदेश से व्हाइटनर का इस्तेमाल करने के बावजूद सफल घोषित किए गए 810 अभ्यर्थी सूची से बाहर हो जाएंगे।
मालूम हो कि मुख्य परीक्षा में व्हाइटनर प्रयोग करने वाले अभ्यर्थियों को सफल घोषित करने के खिलाफ दर्जनों याचिकाएं दाखिल की गई थी। इसी प्रकार व्हाइटनर लगाकर सफल घोषित हुए अभ्यर्थियों ने भी याचिकाएं दाखिल कीं। अदालत ने दोनों पक्षों की याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की। दो सप्ताह तक चली लंबी बहस के बाद कोर्ट ने पुलिस भर्ती बोर्ड के निर्णय को मनमान और विभेदकारी करार देते हुए व्हाइटनर लगाने वाले सफल अभ्यर्थियों का परिणाम रद्द कर दिया।
पुलिस बोर्ड को निर्देश
पुलिस बोर्ड को निर्देश दिया है कि भविष्य में होने वाली परीक्षाओं की आंसर शीट और प्रवेश पत्र निर्देश बोल्ड लेटर में छापे जाएं ताकि कोई भ्रम न होने पाए। याचिकाओं में 20 अक्तूबर 2014 को जारी मुख्य लिखित परीक्षा के परिणाम को चुनौती दी गई थी। दाखिल याचिका में कहा गया था कि मुख्य परीक्षा के लिए जारी प्रवेशपत्र और परीक्षा में दी गई ओएमआर सीट पर साफ निर्देश था कि उत्तर पुस्तिका में व्हाइटनर या ब्लेड का प्रयोग नहीं किया जाए।
इसके बावजूद तमाम अभ्यर्थियों ने व्हाइटनर और ब्लेड इस्तेमाल किया और उनकी कॉपियां जांचने के बाद सफल भी घोषित कर दिया गया है। न्यायालय ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद 71 पृष्ठ के अपने फैसले में 16 मार्च 2015 को जारी अंतिम परिणाम को व्हाइटनर प्रयोग करने वाले अभ्यर्थियों के लिए रद्द कर दिया है। पुलिस भर्ती बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह संशोधित अंतिम परिणाम छह सप्ताह में जारी करे।